उत्तराखंड में गैस की पैनिक बुकिंग, आधे घंटे में 30 हजार सिलेंडर बुक

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उत्तराखंड में रसोई गैस को लेकर पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ताओं के बीच भारी घबराहट देखने को मिल रही है. स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सामान्य दिनों में जहां पूरे दिन में करीब 32 हजार गैस सिलेंडरों की बुकिंग होती थी, वहीं सर्वर दोबारा चालू होने के बाद मात्र आधे घंटे के भीतर लगभग 30 हजार सिलेंडर बुक हो गए.
अचानक इतनी बड़ी संख्या में बुकिंग होने से एलपीजी बुकिंग सिस्टम पर भारी दबाव पड़ गया और कई उपभोक्ताओं को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कुछ समय के लिए एलपीजी बुकिंग का सर्वर ठप हो गया था. जैसे ही सर्वर दोबारा शुरू हुआ, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने एक साथ गैस सिलेंडर बुक करने की कोशिश की.

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आधे घंटे में बुक हुए 30 हजार सिलेंडर

इस दौरान खासतौर पर इंडेन गैस के उपभोक्ताओं की ओर से भारी संख्या में बुकिंग की गई. सामान्य स्थिति में जहां पूरे दिन में करीब 32 हजार सिलिंडरों की बुकिंग होती है, वहीं सर्वर खुलते ही केवल आधे घंटे में लगभग 30 हजार सिलिंडर बुक हो गए. अचानक बढ़े इस दबाव के कारण बुकिंग सिस्टम प्रभावित हो गया. कई उपभोक्ताओं को गैस बुक करते समय ओटीपी न मिलने, कॉल फेल होने या सर्वर स्लो होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा.

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राज्य में पिछले दो दिनों में रसोई गैस को लेकर जो अफरातफरी का माहौल बना, उसके पीछे वास्तविक गैस की कमी से ज्यादा पैनिक बुकिंग और तकनीकी गड़बड़ी को बड़ा कारण माना जा रहा है. बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के एक साथ बुकिंग करने के कारण एलपीजी कंपनियों के ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप और आईवीआरएस आधारित बुकिंग सिस्टम पर दबाव काफी बढ़ गया.

देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश में दिखा असर

प्रदेश के कई शहरों में यह समस्या देखने को मिली. विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे शहरों में उपभोक्ताओं को बुकिंग के दौरान ओटीपी न मिलने, कॉल कनेक्ट न होने और सर्वर में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

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अधिकारियों के अनुसार, अब स्थिति को धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है और बुकिंग व्यवस्था को सुचारु करने के लिए तकनीकी स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं. लोगों से अपील की है कि वो अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर की बुकिंग करें. इससे आपूर्ति व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी और अनावश्यक दबाव से सिस्टम को बचाया जा सकेगा.

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