रानीखेत (अल्मोड़ा)। सशस्त्र सीमा बल (SSB) भारत-नेपाल और भारत-भूटान अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ नक्सल विरोधी अभियानों, आंतरिक सुरक्षा, चुनाव ड्यूटी, अमरनाथ यात्रा और आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों ने मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अब तक 52 पीड़ितों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है, जबकि 32 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
सीमांत मुख्यालय गनियाद्योली में रविवार शाम आयोजित प्रेसवार्ता में आईजी एसएसबी अमित कुमार ने बल की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा पर मानव तस्करी के 45 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में कार्रवाई करते हुए 32 तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 52 पीड़ितों को मुक्त कराया गया।
आईजी के मुताबिक, सीमांत मुख्यालय के जवानों ने तस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 54.74 लाख रुपये की नकली भारतीय मुद्रा और 8.09 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा भी जब्त की है। इसके अलावा विभिन्न मामलों में कार्रवाई करते हुए 41.87 किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किया गया है।
उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ एसएसबी सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य भी कर रहा है। दूरस्थ सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव एवं पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाने और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का कार्य भी किया जा रहा है।
आईजी अमित कुमार ने बताया कि उत्कृष्ट सेवा, बेहतर प्रदर्शन और कर्तव्यपरायणता के लिए सीमांत मुख्यालय के 18 अधिकारियों एवं कार्मिकों को महानिदेशक गोल्डन एवं सिल्वर डिस्क, जबकि 11 कार्मिकों को महानिदेशक प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है।
उन्होंने कहा कि एसएसबी सीमा सुरक्षा के साथ-साथ देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में भी अपनी जिम्मेदारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रहा है।
फ़ोटो परिचय :- सांकेतिक

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