नैनीताल। काम की तलाश में दिल्ली गए रामगढ़ ब्लॉक के नथुवाखान निवासी एक युवक की मौत हो गई। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि उसकी मौत की सूचना परिजनों तक 23 दिन बाद पहुंच सकी। युवक के पास न तो कोई पहचान पत्र था और न ही मोबाइल फोन, जिसके कारण दिल्ली पुलिस को उसकी शिनाख्त करने में काफी समय लग गया। आखिरकार नैनीताल जिले के ग्राम प्रधानों से संपर्क कर पुलिस परिजनों तक पहुंच सकी।
जानकारी के अनुसार, नथुवाखान निवासी ललित आर्या (35) अपनी मां के साथ रहता था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि उसकी तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। ललित मजदूरी के लिए अक्सर दूसरे शहरों में जाता था और कुछ दिनों बाद वापस लौट आता था। इस बार भी वह मां से “कुछ दिनों में लौट आऊंगा” कहकर दिल्ली गया था। उसके पास मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए मां का उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया।
दिल्ली के फतेहपुरी स्थित एक रैन बसेरे में ठहरे ललित ने रजिस्टर में अपना पता केवल “नैनीताल एरिया” दर्ज कराया था। उसके पास कोई पहचान पत्र भी नहीं था। 28 जून को रैन बसेरे में उसका शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया और उसकी पहचान कराने के प्रयास शुरू किए।
पूरा पता उपलब्ध न होने के कारण दिल्ली पुलिस ने नैनीताल जिले के विभिन्न ग्राम प्रधानों से संपर्क करना शुरू किया। करीब 23 दिनों की कोशिश के बाद बेलुवाखान की ग्राम प्रधान डॉ. बबीता मनराल से पुलिस की बात हुई। उन्होंने स्थानीय व्हाट्सएप समूहों में युवक की जानकारी साझा की और लोगों से संपर्क किया।
इसी दौरान मृतक के जीजा, मनोरा निवासी अनूप आर्या, को सूचना मिली। उन्होंने युवक की पहचान ललित आर्या के रूप में की। इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी दी गई। बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन शव लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं।
लाहौरी गेट थाना के एसआई अमरीश ने बताया कि ललित रैन बसेरे में बिस्तर पर मृत अवस्था में मिला था। मौके पर कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। उन्होंने बताया कि पहचान और पूरा पता नहीं होने के कारण परिजनों तक सूचना पहुंचाने में समय लगा। परिजनों के दिल्ली पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा।

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