रामनगर (नैनीताल)। रामनगर के मोहान क्षेत्र में एक बहू ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बाघ के हमले से अपनी सास की जान बचा ली। रविवार सुबह करीब नौ बजे कुनखेत गांव निवासी 65 वर्षीय बसंती देवी अपनी बहू मोहनी देवी के साथ घर से करीब 200 मीटर दूर एक रिसोर्ट के समीप घास काटने गई थीं।
बसंती देवी घास काट रही थीं, जबकि मोहनी देवी घास एकत्र कर रही थीं। तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक बसंती देवी पर हमला कर उन्हें जमीन पर गिरा दिया।
सास को बाघ के चंगुल में फंसा देख मोहनी देवी ने बिना घबराए शोर मचाया और हाथ में मौजूद दरांती से बाघ पर लगातार कई वार कर दिए। बहू के साहसिक प्रतिरोध से बाघ बसंती देवी को छोड़कर गुर्राता हुआ जंगल की ओर भाग गया।
हमले में बसंती देवी के सिर और माथे पर बाघ के पंजों और दांतों से गंभीर चोटें आईं। खून से लथपथ घायल सास को मोहनी देवी किसी तरह सहारा देकर गांव तक लेकर पहुंचीं, जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से उन्हें राजकीय संयुक्त चिकित्सालय, रामनगर ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
वन विभाग ने घायल महिला को काशीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना की सूचना मिलने पर कोसी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी कृष्ण कांत मेहरा अस्पताल पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी ली।
उप प्रभागीय वनाधिकारी अंकित बडोला ने बताया कि हमलावर बाघ की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही कुनखेत गांव में वनकर्मियों की गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से जंगल के आसपास विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

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