हल्द्वानी मालिक को भनक तक नहीं, इंटरनेट मीडिया पर ‘बिकाऊ’ बता दी करोड़ों की प्रॉपर्टी; कुमाऊं कमिश्नर के जनता मिलन में पहुंचा मामला

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हल्द्वानी। जमीनों की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़े के नए तरीके सामने आ रहे हैं। कई मामलों में संपत्ति मालिक की जानकारी और सहमति के बिना ही उसकी जमीन या मकान को इंटरनेट मीडिया पर ‘बिकाऊ’ बताकर प्रचारित किया जा रहा है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला शनिवार को सचिव मुख्यमंत्री एवं कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के जनता मिलन कार्यक्रम में सामने आया।


शिकायतकर्ता, जो हल्द्वानी के एक कारोबारी हैं, ने बताया कि उनकी नैनीताल स्थित संपत्ति को बिना अनुमति इंटरनेट मीडिया पर बिक्री के लिए प्रचारित किया गया। इतना ही नहीं, एक वीडियो बनाकर उसे भी प्रसारित किया गया, जबकि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी।

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कारोबारी के अनुसार, उनकी संपत्ति की देखरेख कर रहे चौकीदार के पास कुछ स्थानीय युवक पहुंचे और खुद को कोर्ट से आया हुआ बताते हुए मकान मालिक का मोबाइल नंबर मांगा। चौकीदार ने कारोबारी की पत्नी का नंबर दे दिया। जब युवकों ने उन्हें फोन कर बताया कि उनकी संपत्ति बिकाऊ है, तो वह हैरान रह गईं। इसके बाद इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो की जानकारी भी उन्हें मिली।


मामले की सुनवाई करते हुए कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने बताया कि जांच में वीडियो प्रसारित करने वाला एक ब्लॉगर रुद्रपुर का निकला। उससे पूछताछ में मामले की कड़ियां दिल्ली तक जुड़ी होने की बात सामने आई है। संबंधित चैनल को हटवा दिया गया है। वहीं, कारोबारी की ओर से इस संबंध में प्राथमिकी भी दर्ज करा दी गई है।

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दीपक रावत ने लोगों से अपील की कि वे भूमाफिया और ऐसे फर्जी प्रचार से सतर्क रहें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी जमीन या संपत्ति के मालिक की लिखित सहमति के बिना उसकी बिक्री का विज्ञापन या वीडियो प्रसारित करना कानूनन अपराध है। दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और सजा का प्रावधान है।

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जनसुनवाई के दौरान एक अन्य मामले में कर्नल जीवेंद्र सिंह ने आरटीओ रोड स्थित जयदेवपुर में खरीदी गई जमीन पर कब्जे की शिकायत की। इस पर आयुक्त ने तीन लोगों के खिलाफ भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) के मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान सभी दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रियाओं की अच्छी तरह जांच करना बेहद जरूरी है।

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