लालकुआं। सोशल मीडिया पर कथित भड़काऊ पोस्ट करने के आरोप में हिरासत में लिए गए आइसा के जिलाध्यक्ष धीरज कुमार और नेता गोविंद राजभर को लालकुआं पुलिस ने दूसरे दिन शांति भंग की आशंका में कार्रवाई करने के बाद निजी मुचलके पर रिहा कर दिया। दोनों नेताओं ने करीब 24 घंटे तक कोतवाली परिसर में अनशन किया। रिहाई के बाद पुलिस ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
जानकारी के अनुसार, लालकुआं कोतवाली पुलिस ने शनिवार शाम सोशल मीडिया पर कथित भड़काऊ पोस्ट डालने के आरोप में धीरज कुमार और गोविंद राजभर को हिरासत में लिया था। दोनों को करीब 24 घंटे तक कोतवाली में रखा गया। रविवार दोपहर बाद पुलिस ने शांति भंग की आशंका में कार्रवाई करते हुए निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।
दोनों नेताओं की हिरासत के विरोध में इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रविवार सुबह से दोपहर तक कोतवाली परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए दोनों नेताओं की रिहाई की मांग की और केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा।
प्रदर्शन में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, माले नेता इंद्रेश मैखुरी, कैलाश पांडे, कुंदन सिंह मेहता, आनंद सिंह नेगी, विमला पाल, प्रभात पाल, भुवन जोशी, मीना कपिल, हेमवतीनंदन दुर्गापाल, सुमित कार्की, गोपाल गढ़िया, निर्मला शाही, कमल जोशी, गुरदयाल सिंह मेहरा, प्रमोद कॉलोनी सहित बड़ी संख्या में इंडिया गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। दोनों नेताओं की रिहाई के बाद ही प्रदर्शन समाप्त हुआ।
हिरासत में लिए जाने के बाद धीरज कुमार और गोविंद राजभर ने अनशन शुरू कर दिया था। उनका कहना था कि रिहाई तक वे अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे। रिहाई के बाद पुलिस ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह राणा ने बताया कि दोनों युवकों को कथित भड़काऊ पोस्ट के मामले में हिरासत में लिया गया था। शांति भंग की आशंका के तहत कार्रवाई कर निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी विमल प्रसाद, एसएसआई दीपक बिष्ट, बिंदुखत्ता चौकी प्रभारी गौरव जोशी सहित पुलिस बल तैनात रहा।

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