उत्तराखंड में पीछे बैठी सवारी को भी पहनना होगा हेलमेट, उल्लंघन पर ₹1000 का जुर्माना
देहरादून। उत्तराखंड में दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य है। सड़क दुर्घटनाओं में पीछे बैठी सवारियों के घायल होने और मौत के मामलों को देखते हुए परिवहन विभाग अब इस नियम का सख्ती से पालन कराने की तैयारी कर रहा है। नियम का उल्लंघन करने पर एक हजार रुपये का चालान किया जाएगा।
विभाग का जोर केवल वाहन चालक ही नहीं, बल्कि उसके साथ यात्रा करने वाली सवारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी है। प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान बिना हेलमेट चलने वाले चालकों और पीछे बैठी सवारियों के गंभीर रूप से घायल होने या जान गंवाने के मामले सामने आते रहे हैं। कई मामलों में हेलमेट नहीं पहनने के कारण पीछे बैठी सवारियों को सिर में गंभीर चोटें आती हैं।
सिर में चोट लगने से बढ़ जाता है जान जाने का खतरा
हेलमेट नहीं पहनने की स्थिति में सड़क दुर्घटना के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने और जान जाने का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए परिवहन विभाग बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इस वर्ष बिना हेलमेट के 2.98 लाख चालान किए जा चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 1.57 लाख थी।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर गठित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दोपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी हेलमेट अनिवार्य करने और नियम का उल्लंघन होने पर चालान करने के निर्देश दिए गए। प्रदेश में यह व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन इसका सख्ती से पालन नहीं हो पा रहा है।
समिति के निर्देशों के बाद परिवहन विभाग ने सभी संभागीय परिवहन अधिकारियों (आरटीओ) को नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
जागरूकता अभियान भी चलाएगा परिवहन विभाग
अपर आयुक्त परिवहन एसके सिंह के अनुसार, हेलमेट पहनने की अनिवार्यता को लेकर जल्द ही व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान चालान करने के साथ ही आमजन को हेलमेट पहनने के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करना और दोपहिया वाहन पर चालक के साथ पीछे बैठी सवारी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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