यहां गुलदार के हमले में राजमिस्त्री की मौत, भड़के ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन का किया घेराव

फाइल फोटो

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पौड़ी जिले के कोट ब्लाक में बालमणा गांव के पास राजमिस्त्री की गुलदार के हमले में मौत हो गई।

घटना उस समय हुई जब वह शाम को गांव लौट रहा था। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और वन विभाग की टीम के साथ तहसीलदार दीवान सिंह रावत को कमरे में बंद कर दिया।

डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव को भी बंधक बनाए जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने बीच-बचाव कर लिया।

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शाम को गुलदार को अंतिम विकल्प के रूप में मारने का आदेश जारी होने पर ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।

जिले में दो महीने के अंतराल में गुलदार के हमले से यह दूसरी मौत है, जबकि प्रदेश में इस वर्ष अब तक 14 लोग गुलदार, बाघ और हाथी के हमले में जान गंवा चुके हैं।

जामला ग्रामसभा के चिवालु गांव के 48 वर्षीय राजमिस्त्री प्रकाश लाल बालमणा में जिला पंचायत पौड़ी के विकास कार्य के तहत इंटरलाक टाइल्स लगाने का काम कर रहा था।

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सोमवार शाम करीब 5:30 बजे वह पैदल घर को रवाना हुआ था। देर रात तक घर न पहुंचने पर उसकी तलाश की गई। मंगलवार सुबह बालमणा के करीब 300 मीटर दूर उसका क्षतविक्षत शव मिला। इसके बाद ग्रामीण भड़क गए।

उन्होंने वन विभाग और प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए कहा कि जंगली जानवरों के आतंक की सूचना को वन विभाग गंभीरता से नहीं लेता है।

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प्रधान जामला सपना पंवार ने मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, गुलदार को आदमखोर घोषित कर तत्काल मारे जाने की मांग की। बता दें कि 15 जनवरी को बाड़ा गांव में गुलदार ने नेपाली मूल के व्यक्ति को निवाला बना लिया था।

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