यहा नजूल भूमि मामले में बढ़ी सकारात्मक उम्मीद, आशियाने पर अधिकार का सपना होगा पूरा?

खबर शेयर करें 👉

रुद्रपुर। विधानसभा चुनाव निकट हैं, ऐसे में एक बार फिर रुद्रपुर की नजूल भूमि पर वर्षों से बसे 20 हजार से अधिक परिवारों को मालिकाना हक मिलने की उम्मीद जग रही है।

शहर विधायक ने पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर इस पर कानून प्रक्रिया पर चर्चा की है। मुख्यमंत्री ने इस मामले में ठोस पैरवी कराने का भरोसा दिया है। उसके बाद विधायक ने हाई कोर्ट में एडवोकेट जनरल एसएन बदुलकर व मुख्य स्थायी अधिवक्ता पूरन सिंह बिष्ट से भी मुलाकात की है। विधायक की इस कसरत से बड़े मामले में सकारात्मक निर्णय की आस जाग गई है।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच यतिन पांडे की निर्विरोध जीत, चुनावी रणनीति में लालकुआं विधानसभा के इन दोनों भाइयों का दिखा दमखम

सीएम धामी का भरपूर सहयोग
विधायक शिव अरोरा ने बताया कि विधायक बनने से पहले उन्होंने नजूल भूमि पर रह रहे लोगों को मालिकाना हक दिलाने का संकल्प लिया था। इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भरपूर सहयोग रहा। उनकी पहल पर रुद्रपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान करीब 3200 परिवारों को 50 वर्ग मीटर तक भूमि का निश्शुल्क मालिकाना हक प्रदान किया गया था।

इसका लाभ रम्पुरा, बंगाली कालोनी, संजयनगर खेड़ा, रविंद्र नगर, दूधिया नगर, खेड़ा और भदईपुरा आदि कई क्षेत्रों के लोगों को मिला था। हालांकि, 16 अप्रैल 2025 को उच्च न्यायालय की एकल पीठ द्वारा नजूल भूमि पर मालिकाना हक दिए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई, जिसके बाद हजारों पात्र परिवारों को इसका लाभ नहीं मिल सका।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल में शराब की दुकानों पर प्रशाशन की ताबड़तोड़ छापेमारी, भवाली में ओवररेटिंग तो लालकुआं में पांच रुपये की ओवररेटिंग पकड़ी

अरोरा ने बताया कि इस मुद्दे को विधानसभा के गैरसैंण सत्र में नियम-300 के तहत भी उठाया था और सरकार से न्यायालय में प्रभावी पैरवी करने की मांग की थी। उन्होंने दो दिन पूर्व सीएम से मुलाकात कर इस संबंध में चर्चा की और शेष परिवारों को मालिकाना हक दिलाने के लिए न्यायालय में सशक्त पैरवी कराने का अनुरोध किया।

सीएम ने संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विधायक अरोरा ने नैनीताल उच्च न्यायालय में एडवोकेट जनरल एसएन बदुलकर तथा मुख्य स्थायी अधिवक्ता पूरन सिंह बिष्ट से मुलाकात कर मामले में प्रभावी पैरवी की मांग की। दोनों वरिष्ठ विधि अधिकारियों ने न्यायालय में मजबूती से पक्ष रखने और समाधान निकालने का भरोसा दिया।

यह भी पढ़ें 👉  रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना, नाबालिग बहन से दुष्कर्म का सगा भाई पर आरोप

विधायक अरोरा ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक हटने के बाद मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में शेष पात्र परिवारों को भी नजूल भूमि का मालिकाना हक मिल सकेगा। इससे वर्षों से अपने आशियाने पर अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे हजारों परिवारों का सपना पूरा होगा।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad