देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत जिले की मतदाता सूची में बड़ा तथ्य सामने आया है। देहरादून में 96,187 ऐसे मतदाता चिह्नित किए गए हैं, जिनके नाम उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज हैं। चुनाव आयोग की टीम ने मंगलवार को देहरादून पहुंचकर एसआईआर कार्यों की समीक्षा की और ऐसे मतदाताओं का सत्यापन कर उन्हें अपनी इच्छा के अनुसार किसी एक राज्य की मतदाता सूची में रखने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह तथा एसआईआर के लिए तैनात निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ बैठक की। इस दौरान टीम ने जिले में चल रहे पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति, रैंडम जांच, ऑडिट और पर्यवेक्षण की समीक्षा की।
दोहरी मतदाता प्रविष्टियों का घर-घर सत्यापन
जिले में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों की मतदाता सूचियों में नाम दर्ज पाए गए 96,187 मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं को इसकी जानकारी देंगे और उनकी स्वेच्छा के आधार पर उन्हें किसी एक राज्य की मतदाता सूची में रखने की कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और किसी पात्र मतदाता को मताधिकार से वंचित नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
11.90 लाख मतदाताओं की मैपिंग पूरी
एसआईआर के तहत देहरादून जिले में अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज विवरण में विसंगति पाए जाने अथवा आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराने के मामलों में 21 अगस्त तक 5,47,617 लोगों को बीएलओ के माध्यम से नोटिस जारी किए गए। इनमें करीब 90 प्रतिशत मामलों में सुनवाई पूरी होने की जानकारी दी गई है।
प्रारूप-7 की आपत्तियों पर विशेष सावधानी
आयोग की टीम ने प्रारूप-7 के तहत प्राप्त दावों और आपत्तियों के निस्तारण में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बरतने के निर्देश दिए। मृत्यु अथवा स्थानांतरण के आधार पर किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले संबंधित जानकारी का बीएलओ और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से क्रॉस-वेरिफिकेशन कराने को कहा गया।
इसके अलावा, निर्धारित 11 प्रमाण-पत्रों में से अभी तक कोई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले मतदाताओं से दोबारा संपर्क कर उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी राकेश तिवारी, अपर्णा ढौंडियाल, रविंद्र ज्वांठा, अपूर्वा सिंह और कुमकुम जोशी तथा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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