लालकुआं सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट कर फिर अब बड़ा दिल दिखाया समाज सेवी शुभम अंडोला बोले— “आपने विधायक बनने के योग्य समझा, यही मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है… लेकिन परिवार और वर्षों से सेवा कर रहे वरिष्ठ भाइयों के सम्मान में 2027 में राजनीति में नहीं आऊंगा”

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लालकुआं :- आज सुबह परिवार के साथ फोटो लगाकर सोसल मीडिया पर किया पोस्ट

प्रिय भाइयों, बहनों और मेरे सभी सम्मानित साथियों,🙏🙏

पिछले कुछ दिनों से आप सभी ने जिस अपार प्रेम, विश्वास और आशीर्वाद के साथ मेरा नाम आगे बढ़ाया, उससे मैं भावुक हूँ। आपने मुझे विधायक जैसे बड़े दायित्व के योग्य समझा, यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। मैं इस प्रेम को अपनी उपलब्धि नहीं, बल्कि भगवान भोलेनाथ की कृपा, अपने माता-पिता के आशीर्वाद और आप सभी के विश्वास का प्रसाद मानता हूँ।

लेकिन आज मैं पूरे सम्मान और सच्चे मन से आप सभी के सामने अपना निर्णय रखना चाहता हूँ।

मैंने कभी राजनीति में आने का सपना नहीं देखा था और न ही किसी पद या टिकट की इच्छा लेकर समाज सेवा की। मेरी पहचान हमेशा एक साधारण समाजसेवक की रही है। मेरा उद्देश्य केवल इतना रहा कि जहाँ तक मेरी क्षमता हो, वहाँ तक किसी जरूरतमंद के काम आ सकूँ।

हमारे अनेक बड़े भाई पिछले 10–15 वर्षों से दिन-रात घर-घर जाकर जनता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने अपना समय, अपना संघर्ष और अपना जीवन समाज को समर्पित किया है। मेरा हृदय कहता है कि पहला सम्मान और पहला अवसर 2027 मै उन्हीं लोगों का है।

हमारे क्षेत्र से चाहे किसी भी राजनीतिक दल के विधायक पद के दावेदार हों, मेरे सभी के साथ आत्मीय और सम्मानजनक संबंध हैं। मैं दिल से मानता हूँ कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी-अपनी क्षमता, अनुभव और वर्षों की मेहनत के बल पर जनता की सेवा करने का प्रयास कर रहा है। मैं सभी का सम्मान करता हूँ और सभी के उज्ज्वल भविष्य एवं जनसेवा के संकल्प के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ। मेरा किसी से कोई प्रतिस्पर्धा या विरोध नहीं है। मेरा विश्वास है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी मेहनत और सेवा के आधार पर आगे बढ़ने का पूरा अधिकार है और हम सबका उद्देश्य अपने क्षेत्र का विकास और जनता की भलाई होना चाहिए।

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इसी भावना के साथ मैं किसी की वर्षों की मेहनत, संघर्ष और तपस्या का श्रेय लेकर आगे नहीं बढ़ सकता। क्योंकि बिना संघर्ष के मिला सम्मान मुझे कभी स्वीकार नहीं होगा। और दूसरी बात मेरे बहुत से मित्र वह बड़े भाई जो इस समय विधायक की दावेदारी पेश कर रहे हैं जो 15, 20 दिन पहले तक मेरे कार्यालय मैं आकर मुझसे बोलते थे आपकी छवि अच्छी है आप सपोर्ट करना इस बार, तो दोस्तों मैं अचानक से उनके सामने दावेदारी पेश कर दूं इस 2027 में इस बात पर मेरा दिल भी गवाही नहीं दे रहा है इस समय

दोस्तों, इन पिछले दस दिनों में आपने मुझे जितना प्यार, सम्मान और विश्वास दिया, उसे मैं शब्दों में कभी व्यक्त नहीं कर सकता। मेरे पास कम से कम 500 फोन कॉल, संदेश और शुभकामनाएँ आईं। केवल हमारी विधानसभा ही नहीं, बल्कि अन्य विधानसभा क्षेत्रों से भी लोगों ने फोन कर अपना स्नेह और समर्थन दिया। जिनको मैं जानता भी नहीं हूं ऐसे भी बहुत सारी लोग हैं जिनके कॉल आए आज के समय में सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति के समर्थन में खुलकर लिखना बहुत बड़ी बात होती है। आपने बिना मेरे किसी पद की दावेदारी किए, बिना किसी स्वार्थ के, खुलकर मेरा साथ दिया। मेरे आस पड़ोस और मीडिया के अनेक मेरे बड़े और छोटे भाइयों ने भी मुझे भरपूर सहयोग किया अन्य पार्टी के अनेक जनप्रतिनिधियों ने मेरे कार्यालय में आकर मुझे बहुत सपोर्ट किया और बोला आपको आगे आना चाहिए सभी ने मुझ पर बहुत विश्वास जताया पिछले 10 दिनों से जो भी फोन कॉल आयी मेरे पास हर दूसरी कॉल पर लोगों ने मेरे नाम के आगे विधायक जी जैसा एक सम्मानजनक पद लगाया और मुझे समाज में एक नई पहचान दी यह मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है। मैं शायद जीवनभर भी आपके इस प्रेम और विश्वास का ऋण नहीं चुका पाऊँगा। दोस्तों मेरी कभी भी कहीं पर जरूरत पड़ेगी तो मैं आपके साथ खड़ा रहूंगा यह वादा है जो आपने मुझे प्यार किया है

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मेरे इस निर्णय का एक और महत्वपूर्ण कारण मेरा परिवार है।🙏🙏

मैं अपने परिवार का अकेला बेटा हूँ। मेरे माता-पिता और मेरी धर्मपत्नी और मेरी दीदी भी भी नहीं चाहती कि मैं इस समय राजनीति में आऊँ। क्योंकि मेरी दीदी की जिम्मेदारी भी मेरे ऊपर है पूरे परिवार की अनेक जिम्मेदारियाँ मेरे कंधों पर हैं। उनका मानना है कि राजनीति में आने के बाद मैं उन्हें वह समय और साथ नहीं दे पाऊँगा जिसकी उन्हें आवश्यकता है। मेरे लिए माता-पिता का आशीर्वाद, उनकी खुशी और मेरे परिवार का सम्मान किसी भी पद से कहीं बड़ा है। इसलिए उनके निर्णय का सम्मान करना मैंने अपना पहला धर्म समझा है।

इसी कारण मैंने तय किया है कि मैं इस समय राजनीति में नहीं आऊँगा।

यह राजनीति से दूरी है, समाज सेवा से नहीं।

मैं पहले भी बिना किसी पद के समाज की सेवा करता था, आज भी कर रहा हूँ और जीवनभर करता रहूँगा।

मैं एक बात और पूरे सच्चे दिल से कहना चाहता हूँ। जब आप सभी ने मुझे इतना प्रेम और विश्वास दिया, तब एक पल के लिए मुझे भी लगा कि यदि मैं राजनीति में आया, तो मैं भगवान भोलेनाथ को साक्षी मानकर विधायक के वेतन में से केवल ₹1 रुपया ही स्वीकार करूँगा और शेष राशि जरूरतमंद लोगों की सेवा में समर्पित कर दूँगा। यह मैंने किसी दिखावे या राजनीति के लिए नहीं, बल्कि अपने मन की सच्ची भावना से कहा था। भगवान भोले बाबा की कृपा वह वह लक्ष्मी माता के आशीर्वाद ने मुझे इतना सक्षम बनाया है कि यदि मैं वेतन न भी लूँ, तो उससे मेरे जीवन पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पडता वर्षों से मैं अपनी क्षमता के अनुसार लोगों के सुख-दुख में सहयोग करता आया हूँ और आगे भी करता रहूँगा।

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साथ ही, मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूँ कि यह केवल मेरी व्यक्तिगत भावना थी। हर व्यक्ति की परिस्थितियाँ, जिम्मेदारियाँ और जीवन अलग-अलग होते हैं। इसलिए किसी भी विधायक पद के दावेदार या जनप्रतिनिधि से ऐसी अपेक्षा करना उचित नहीं होगा। मैं सभी का सम्मान करता हूँ। हमारे क्षेत्र के सभी वरिष्ठ भाई, चाहे वे किसी भी दल से हों, हमारे लिए सम्माननीय हैं। मैं सभी की भावना, संघर्ष और जनसेवा का आदर करता हूँ।

अंत में मैं केवल इतना कहना चाहता हूँ कि आपने मुझे जिस प्रेम, विश्वास और सम्मान के योग्य समझा, वही मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। मैं जीवनभर इस विश्वास को टूटने नहीं दूँगा। आपका यह भाई पहले भी समाज की सेवा करता था, आज भी कर रहा है और अंतिम साँस तक करता रहेगा।

आपका प्यार ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है, और समाज सेवा ही मेरी सबसे बड़ी पहचान है।

आपका अपना भाई
शुभम अडोला🙏🙏🌹🌹

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