नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की ओर से लागू किए गए सख्त भू-कानून के तहत नैनीताल जिले में जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अदालत ने भू-कानून के उल्लंघन से जुड़े 14 मामलों में अब तक कुल 6.088 हेक्टेयर यानी करीब 304 नाली भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई को भू-कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। कार्रवाई के दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में भूमि की खरीद-फरोख्त में नियमों के उल्लंघन और भूमि के निर्धारित प्रयोजन से इतर उपयोग के मामले सामने आए हैं।
6.088 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश
जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में मामलों की सुनवाई के दौरान सामने आया कि जिले में विभिन्न तरीकों से भू-कानून के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया। जांच में ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें बागवानी के उद्देश्य से खरीदी गई भूमि का निर्धारित प्रयोजन के अनुरूप उपयोग नहीं किया गया।
इसके अलावा एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर नियमों के विपरीत निर्धारित सीमा से अधिक भूमि खरीदे जाने के मामले भी पाए गए। कृषि प्रयोजन के लिए आवंटित भूमि पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने की भी पुष्टि हुई।
जांच के दौरान अनुसूचित जाति (एससी) की भूमि का नियमों के विपरीत सामान्य वर्ग के व्यक्तियों को विक्रय किए जाने तथा आवासीय प्रयोजन के लिए स्वीकृत भूमि का व्यावसायिक उपयोग किए जाने के मामले भी सामने आए।
भू-कानून का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भूमि को राज्य सरकार में निहित करने की कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी के अनुसार, भविष्य में इन जमीनों का उपयोग जनहित एवं सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा प्रदेश में भूमि के क्रय-विक्रय को निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनसम्मत बनाना है। भू-कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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