(बड़ी खबर) हल्द्वानी शोरूम से निकली नई कार नहीं पहुंची घर, ‘चंपावत’ हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत

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चंपावत। पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मरोड़ाखान और बंतोली के बीच शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हल्द्वानी से नई खरीदी गई टाटा पंच कार अनियंत्रित होकर करीब 300 से 350 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। खाई में गिरने के बाद कार में आग लग गई, जिससे उसमें फंसे दो चचेरे भाइयों की जिंदा जलकर मौत हो गई। जबकि एक महिला और उसके दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।


जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़ जिले का एक परिवार हल्द्वानी से नई टाटा पंच कार खरीदकर घर लौट रहा था। दोपहर करीब 12 बजे लोहाघाट क्षेत्र के बापरू-मरोड़ाखान, ग्राम सभा बंतोली के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया।


हादसे के दौरान कार में सवार 34 वर्षीय नीतू देवी, उनकी आठ वर्षीय पुत्री अक्षिता और पांच वर्षीय पुत्र आरव वाहन से छिटककर बाहर जा गिरे, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।


वहीं कार में फंस गए बलदेव कुमार (36) पुत्र लछीराम निवासी बनकोड़ी, कनालछीना तथा राजेंद्र कुमार (48) निवासी ग्राम अजेड़ा, चर्मा थाना डीडीहाट, जो वाहन चला रहे थे। बताया जा रहा है कि खाई में गिरने के बाद शॉर्ट सर्किट के कारण कार में भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।


स्थानीय लोगों और लोहाघाट पुलिस की मदद से घायलों को 108 एंबुलेंस के जरिए उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।


पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

बॉक्स : हादसे के प्रमुख बिंदु
▪️ स्थान: मरोड़ाखान-बंतोली के बीच, पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग
▪️ वाहन: नई खरीदी गई टाटा पंच कार
▪️ खाई की गहराई: लगभग 300-350 मीटर
▪️ मृतक: 2 (बलदेव कुमार और राजेंद्र कुमार)
▪️ घायल: नीतू देवी, पुत्री अक्षिता और पुत्र आरव
▪️ संभावित कारण: वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिरा, बाद में आग लग गई
▪️ जांच: लोहाघाट पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी

बॉक्स : नई कार की खुशियां कुछ घंटों में मातम में बदलीं
परिवार शुक्रवार को हल्द्वानी से नई टाटा पंच खरीदकर बेहद उत्साह के साथ पिथौरागढ़ लौट रहा था। लेकिन घर पहुंचने से पहले ही यह खुशी दर्दनाक हादसे में बदल गई। नई कार का पहला सफर ही दो लोगों के लिए आखिरी सफर साबित हुआ, जबकि महिला और दोनों बच्चे अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।

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