छह साल पुराने वन्यजीव तस्करी मामले में अदालत का बड़ा फैसला; गुलदार की खाल तस्करी में दो दोषी करार, पांच-पांच साल की सजा

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चंपावत। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने गुलदार की खाल तस्करी के छह साल पुराने मामले की सुनवाई करते हुए दो अभियुक्तों को पांच-पांच साल के कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषियों को छह-छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा।

25 जून 2020 को पुलिस और एसओजी टीम चल्थी क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इस दौरान मुखबिर ने सूचना देकर बताया कि चंपावत की ओर से आ रही से हरियाणा नंबर की एक कार में सवार तीन लोगों के पास अवैध गुलदार की खालें है, जिन्हें बेचने के लिए तीनों टनकपुर की ओर जा रहे हैं।

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टीम ने चल्थी चौकी पहुंचकर वाहनों की चेकिंग शुरू की। इस दौरान अजय टम्टा, निवासी चकरपुर और खुशाल मेहरा, निवासी तिगरी भुदाई, थाना खटीमा, जिला ऊधम सिंह नगर के पास से एक-एक खाल बरामद की गई। इसके बाद दोनों के विरूद्ध वन अधिनियम में मामला दर्ज किया गया।

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खाल की तस्करी के मामले में सभी साक्ष्यों को देखने और गवाहों को सुनने के बाद जिला सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने अजय टम्टा और खुशाल मेहरा को खाल तस्करी का दोषी पाया और पांच-पांच साल के साधारण कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।

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