कोटद्वार। रील बनाने की होड़ अब लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है। कोटद्वार-पुलिंडा-रामड़ी मोटरमार्ग पर कुछ युवक इंटरनेट मीडिया पर रील बनाने के लिए हाथियों को उकसा रहे हैं।
इंटरनेट मीडिया पर ऐसे कई वीडियो प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें हाथी युवकों के पीछे दौड़ता दिखाई दे रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लापरवाही कभी भी मानव-वन्यजीव संघर्ष का कारण बन सकती है।
अक्सर सड़क पर आ जाते हैं हाथी
लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज के गिवईं बीट से होकर गुजरने वाला यह मार्ग सुबह-शाम सैर करने वालों के बीच लोकप्रिय है। हालांकि, यह क्षेत्र हाथी, गुलदार समेत अन्य वन्यजीवों की आवाजाही वाला इलाका है। बारिश के मौसम में जंगलों में पनपने वाले कीटों से बचने के लिए हाथी अक्सर सड़क पर आ जाते हैं।
गुलदार की भी बढ़ी आवाजाही
कोटद्वार-पुलिंडा मार्ग पर इन दिनों गुलदार की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में गुलदार सड़क पार करता दिखाई दे रहा है। इसे देखते हुए स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मार्ग पर नियमित गश्त बढ़ाने और लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
कालागढ़ में हाथी का उत्पात, स्कूल का गेट तोड़ा
संवाद सूत्र, कालागढ़। कालागढ़ में बीती रात एक जंगली हाथी ने इंटर कालेज मोहल्ले में जमकर उत्पात मचाया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत है। बीती रात कालागढ़ कस्बे में घुसे हाथी ने रामगंगा परियोजना प्राथमिक विद्यालय का मुख्य गेट तोड़ दिया।
साथ ही रिहायशी इलाके में घुस आवास संख्या डी-253 में रहने वाली यशोदा देवी के घर का मुख्य द्वार और चाहरदीवारी भी ध्वस्त कर दी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही कालागढ़ वन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नंदकिशोर रूबाली अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
वन विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद हाथी को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ दिया। टीम ने उन सभी स्थानों का निरीक्षण किया, जहां-जहां हाथी घुसा था।
लगातार हो रही हाथियों की आवाजाही और उत्पात की घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश है। ग्रामीणों ने वन विभाग से रात में नियमित गश्त बढ़ाने, हाथियों की निगरानी के लिए प्रभावी व्यवस्था करने और आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

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