अल्मोड़ा। धौलादेवी ब्लॉक के गैराड़ गांव में जंगली मशरूम खाने से एक ही परिवार के तीन लोगों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें 55 वर्षीय भागीरथी देवी की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि उनकी बहू और पोते का इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर भागीरथी देवी जंगल से जंगली मशरूम लेकर घर पहुंचीं। शाम को उन्होंने मशरूम की सब्जी बनाकर स्वयं भी खाई और अपनी 32 वर्षीय बहू ममता देवी तथा सात वर्षीय पोते कार्तिक को भी खिलाई। भोजन करने के कुछ ही देर बाद तीनों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत होने लगी।
परिजनों ने तुरंत तीनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धौलादेवी पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें बेस अस्पताल, राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा रेफर कर दिया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक ने बताया कि जंगली मशरूम की कई प्रजातियां अत्यंत विषैली होती हैं और उनकी सही पहचान करना आम लोगों के लिए आसान नहीं है। समय पर इलाज मिलने से मरीजों की जान बचाई जा सकती है, लेकिन लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। फिलहाल तीनों मरीजों की स्थिति पर डॉक्टरों की लगातार नजर है।
घटना के बाद गांव में चिंता का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि जंगलों से लाए गए अथवा बिना सही पहचान वाले मशरूम का सेवन न करें। यदि मशरूम खाने के बाद उल्टी, पेट दर्द, चक्कर या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो बिना देर किए नजदीकी अस्पताल पहुंचें। बरसात के मौसम में जंगली मशरूम तेजी से उगते हैं, इसलिए विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है।
सांकेतिक फ़ोटो:- जहरीला मसरूम

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