नैनीताल: उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों में स्थित विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में रविवार को बाबा नीम करौली महाराज का स्थापना दिवस श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. सुबह की शुरुआत के साथ ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र “बाबा नीम करौली महाराज की जय” के जयघोष से गूंज उठा है. देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कैंची धाम पहुंचे हैं. मंदिर परिसर के बाहर लंबी-लंबी कतारों में श्रद्धालु घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आ रहे हैं।
स्थापना दिवस के अवसर पर बाबा का प्रिय प्रसाद मालपुआ भी श्रद्धालुओं में वितरित किया जा रहा है. मान्यता है कि बाबा नीम करौली महाराज को मालपुआ अत्यंत प्रिय था और उन्होंने ही इसे प्रसाद के रूप में प्रचलित किया था. यही कारण है कि कैंची धाम के भंडारे में आने वाले भक्त इस प्रसाद को विशेष श्रद्धा के साथ ग्रहण करते हैं.
नीम करौली बाबा भविष्यने की थी भविष्यवाणी
कैंची धाम की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे बाबा नीम करौली महाराज की एक प्रसिद्ध भविष्यवाणी का भी उल्लेख किया जाता है. कैंची धाम ट्रस्ट के प्रबंधक प्रमोद साह ‘भैय्यू दा’ बताते हैं कि जब बाबा पहली बार इस स्थान पर पहुंचे थे, तब यहां घना जंगल हुआ करता था. उस समय न तो पर्याप्त सुविधाएं थीं और न ही लोगों की आवाजाही, बाबा ने सबसे पहले सोमबारी महाराज की गुफा के समीप स्थित स्थान को चिन्हित कर यहां हनुमान मंदिर की स्थापना करवाई. भैय्यू दा बताते हैं कि, उस दौरान एक भक्त ने बाबा से पूछा था कि इतनी सुनसान जगह पर आखिर कौन आएगा।
इस पर बाबा ने मुस्कुराते हुए कहा था, पूरा विश्व आएगा यहां. बाबा ने यह भी कहा था कि “आज से 50 साल बाद कैंची का स्वरूप बदल जाएगा.” आज जब स्थापना दिवस के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब कैंची धाम पहुंच रहा है, तब बाबा की यह भविष्यवाणी सच होती हुई दिखाई देती है.

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