उत्तराखंड 31 मई तक पूरा करना होगा ई-केवाईसी, वरना राशन लाभ पर लग सकती रोक

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चंपावत । राशन कार्डों के डिजिटल सत्यापन की प्रक्रिया इन दिनों चल रही है, लेकिन अब तक कुल गरीब 60 प्रतिशत ई-केवाईसी का कार्य पूरा हुआ है।
इसमें सर्वाधिक राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के करीब 53 प्रतिशत राशन कार्डों के सत्यापन नहीं हो पाए हैं। इसमें प्रत्येक यूनिट का सत्यापन होना है। यदि नियत समय तक सत्यापन नहीं होता है और तिथि समाप्त होती है, तो छूटे कार्डों के उपयोग पर रोक लग सकती है।

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चल रही ई-केवाईसी की प्रक्रिया

प्रदेश भर में आय, जाति, निवास, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड आदि दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में चंपावत में राशन कार्ड के ई-केवाईसी की प्रक्रिया चल रही है। जिले में बीपीएल, अन्त्योदय व राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के कुल 60 हजार 247 राशन कार्ड हैं। इनमें अन्त्योदय योजना के 5865, बीपीएल यानी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले 29100 और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के बीपीएल 25282 शामिल हैं।

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इन राशन कार्डों में दर्ज कुल यूनिट यानी जितने सदस्य होंगे, सभी के ई-केवाईसी होना है। इसके लिए शासन ने 31 मई तक का समय नियत किया है। यूनिट के अनुसार राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के 165933 यूनिट में से 116190 ने ई-केवाईसी कराया है। वहीं अन्त्योदय-बीपीएल के 96410 यूनिट हैं। जिसमें से 45936 अब तक ई-केवाईसी करा चुके हैं।

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ई-केवाईसी के लिए अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित है। तिथि बढ़ाने को लेकर कोई निर्देश नहीं मिले हैं। जिन लोगों का ई-केवाईसी नहीं होगा वह राशन कार्ड का लाभ नहीं ले सकेंगे। – प्रियंका भट्ट, जिला पूर्ति अधिकारी, चंपावत

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