हरिद्वार। हरिद्वार और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई। सुबह करीब साढ़े दस बजे तेज आंधी के साथ हुई बारिश और बड़े-बड़े ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। कुछ स्थानों पर करीब 500 ग्राम तक वजन के ओले गिरने की सूचना है। ओलावृष्टि से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कई घरों की छतों पर लगी सोलर प्लेटों में दरारें आ गईं।
बड़े-बड़े ओले गिरने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर गिर गए, जिससे भवनों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ ही कई जगह सड़क मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ। ओलावृष्टि से गन्ने और धान की फसलों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
सुल्तानपुर में आठ पेड़ टूटकर सड़क पर गिरे
सुल्तानपुर। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के दौरान लक्सर-हरिद्वार मार्ग पर सुल्तानपुर गांव के पास सड़क किनारे खड़े आठ पेड़ टूटकर गिर गए। पेड़ों की चपेट में आने से एक कार, दोपहिया वाहन और स्कूल की दो बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। पेड़ सड़क पर गिरने से यातायात बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
बताया जा रहा है कि आंधी के दौरान कुछ पेड़ जड़ से उखड़ गए, जबकि कई पेड़ टूटकर सड़क पर गिर पड़े। इनमें ज्यादातर अर्जुन के पेड़ बताए जा रहे हैं। अचानक पेड़ गिरने से राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई वाहन पेड़ों की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए।
आंधी थमने के बाद सड़क पर गिरे पेड़ों के कारण लक्सर-हरिद्वार मार्ग पर लंबा जाम लग गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी सुमित सैनी और गुरजंट सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ों को कटवाकर हटवाया। इसके बाद मार्ग पर यातायात सुचारु हो सका।
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