हल्द्वानी। शहर के वार्ड नंबर नौ स्थित दुर्गा कॉलोनी, नवाबी रोड में पीलिया से एक छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। इसी कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि करीब एक महीने से उनके घरों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। छात्रा की बरेली में इलाज के दौरान मौत और कॉलोनी के दो अन्य बच्चों के पीलिया से पीड़ित होने की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार को जल संस्थान और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। दोनों विभागों ने जांच की और पानी के सैंपल एकत्र किए। जल संस्थान ने एहतियातन पेयजल आपूर्ति भी रोक दी।
दरअसल, गंगोलीहाट निवासी सुहानी पंत दुर्गा कॉलोनी में अपनी बुआ के साथ रहती थीं। वह महिला महाविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थीं। कुछ दिन पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई। निजी लैब में जांच कराने पर पीलिया की पुष्टि हुई। उपचार के दौरान हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें बरेली स्थित राममूर्ति अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद उनकी मौत हो गई।
सुहानी की बुआ की जेठानी खष्टी जोशी ने बताया कि घर में लंबे समय से गंदा पानी आ रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि दूषित पानी के कारण ही सुहानी बीमार पड़ीं। उन्होंने बताया कि सुहानी के परिजन शव लेकर गंगोलीहाट रवाना हो गए हैं।
दो अन्य बच्चे भी पीलिया की चपेट में
कॉलोनी में दो अन्य बच्चों के भी पीलिया से पीड़ित होने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय निवासी राजेश कटारिया के बेटे को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उसे छुट्टी दे दी गई है। वहीं, आशीष रौतेला को अपने बेटे का उपचार कराने के लिए दिल्ली जाना पड़ा।
मामले की जानकारी मिलने पर गुरुवार को जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरएस लोशाली, सहायक अभियंता रविंद्र कुमार और कनिष्ठ अभियंता दीपक शर्मा समेत विभागीय कर्मचारी कॉलोनी पहुंचे। टीम ने मौके से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे और पेयजल आपूर्ति रोक दी।
स्वास्थ्य विभाग ने 31 लोगों की जांच की
स्वास्थ्य विभाग की टीम भी प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, हल्द्वानी ब्लॉक डॉ. ममता सिंह के नेतृत्व में कॉलोनी पहुंची। एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया। इस दौरान 31 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पेयजल के सैंपल लेकर क्लोरीनेशन की जांच भी की। विभाग के अनुसार, मौके पर जांचे गए सभी सैंपल सही पाए गए, जबकि तीन सैंपल विस्तृत जांच के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल भेजे गए हैं।
जलजनित रोगों की निगरानी करेगा स्वास्थ्य विभाग
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि जलजनित रोगों के साथ ही डेंगू, मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों की नियमित निगरानी की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस तरह का मामला सामने आने पर मोबाइल नंबर 9410119773 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं।
लोगों का आरोप- सुबह 10 से 15 मिनट तक आता है गंदा पानी
दुर्गा कॉलोनी में सुबह के समय नलकूप और शाम को गौला की लाइन से पेयजल आपूर्ति की जाती है। करीब 120 की आबादी वाली इस कॉलोनी के लोगों का कहना है कि सुबह नलकूप से पानी की आपूर्ति शुरू होने पर शुरुआती 10 से 15 मिनट तक गंदा पानी आता है। इसके बाद भी पानी की गुणवत्ता को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, समस्या करीब एक महीने से जारी है। लोग पानी उबालकर पीने को मजबूर हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
कॉलोनी निवासी राजेश कटारिया ने बताया कि गंदे पानी की समस्या के बीच उनका बेटा तीन अक्टूबर को पीलिया से पीड़ित हो गया था। इसके बाद उसे बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बीएस बिष्ट ने कहा कि करीब एक महीने से कॉलोनी में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। इससे लोगों को अपने परिवार की सेहत को लेकर चिंता सता रही है।
वहीं, गंगा पांडे ने कहा कि पानी इतना गंदा आ रहा है कि उसे उबालने के बाद भी पीने में डर लगता है। अब कॉलोनी में लोग बीमार भी पड़ रहे हैं।
पार्षद राजेंद्र जीना ने कहा कि पूरे वार्ड में केवल इसी कॉलोनी में गंदे पानी की शिकायत मिल रही है। इस संबंध में संबंधित विभागों को सूचना दी गई थी। कॉलोनी में छात्रा की मौत बेहद दुखद है।
जांच के लिए लिए गए पानी के सैंपल
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरएस लोशाली ने बताया कि बुधवार रात क्षेत्र से शिकायत मिली थी। गुरुवार को मौके पर निरीक्षण किया गया। उन्होंने कहा कि मौके पर भौतिक जांच के आधार पर पानी में किसी प्रकार का संदूषण नहीं मिला। बैक्टीरिया की जांच के लिए सैंपल एकत्र किए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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