(उत्तराखण्ड) पुलिस ने कोबरा गैंग का जहर उगलने से पहले तोड़ा फन, मास्टरमाइंड दबोचा गया

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देहरादून। मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” विजन को साकार करने की दिशा में देहरादून पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसएसपी देहरादून की रणनीति के तहत चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” में पुलिस ने कोकीन तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली के मालवीय नगर से कोबरा गैंग के कथित मुख्य सरगना जॉन उर्फ जोसेफ उर्फ मॉरिस उर्फ एनडी ब्रदर को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, थाना राजपुर क्षेत्र में 3 जून को जोहड़ी रोड स्थित पुरानी मजार के पास चेकिंग के दौरान सहारनपुर निवासी जावेद आलम को 11.77 ग्राम अवैध कोकीन के साथ गिरफ्तार किया गया था। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

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मुकदमा दर्ज पूछताछ में जावेद आलम ने खुलासा किया कि वह शहर में आयोजित होने वाली हाई-प्रोफाइल पार्टियों और विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को कोकीन की सप्लाई करता था। उसने बताया कि उसे यह मादक पदार्थ दिल्ली निवासी जॉन उर्फ जोसेफ उपलब्ध कराता था। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए दून पुलिस की टीम ने दिल्ली के मालवीय नगर में दबिश देकर मुख्य आरोपी जॉन उर्फ जोसेफ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए कई नाम रखे हुए हैं। वह अफ्रीकी देश (आइवरी कोस्ट) का निवासी है और पिछले दो वर्षों से दिल्ली में रह रहा था।

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पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कोकीन की तस्करी से होने वाली मोटी कमाई के लिए दिल्ली से अपने पेडलरों के माध्यम से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर सहित विभिन्न राज्यों में नेटवर्क संचालित कर रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि उसके निशाने पर विशेष रूप से बड़े आयोजन, पार्टियां और नामचीन शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं रहते थे।

पुलिस के अनुसार, जावेद आलम के माध्यम से पूर्व में भी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में कोकीन की सप्लाई की जा चुकी है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी का पासपोर्ट और वीजा दिसंबर 2025 में समाप्त हो चुका था और वह बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहा था। इस संबंध में भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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एसएसपी देहरादून ने कहा कि युवा वर्ग अक्सर नशा तस्करों का आसान निशाना बनता है, लेकिन युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त व्यक्तियों के लिए केवल एक ही जगह है और वह है जेल।

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