उत्तराखंड में अटका 45 हजार कर्मचारियों का तबादला,

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देहरादून: हर साल नए वित्तीय वर्ष में अधिकारियों के तबादले किए जाते है. ऐसे में नए वित्तीय वर्ष शुरू होने के साथ ही तबादले का सीजन भी शुरू हो जाता है, लेकिन इस तबादला सीजन के दौरान उत्तराखंड में करीब 45,000 कर्मचारियों के तबादले नहीं होंगे. इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है.

दरअसल, उत्तराखंड में इस साल जनगणना के साथ ही एसआईआर की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है, जिसमें करीब 45 हज़ार कर्मचारियों की जरूरत होगी. यही वजह है कि गृह मंत्रालय ने इस तबादला सीजन के दौरान तबादला न करने का अनुरोध किया है.

उत्तराखंड में अप्रैल महीने से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. उससे पहले ही उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से प्री-एसआईआर की प्रक्रिया कराई गई है, जिसके लिए करीब 12 हज़ार बीएलओ ने अपनी भूमिका निभाई है.

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प्री- एसआईआर के दौरान इन कर्मचारियों को एसआईआर की पूरी प्रक्रिया की जानकारी हो गई है. ऐसे में अगर तबादले किए जाते है तो इससे नए कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने और कर्मचारियों को एसआईआर की प्रक्रिया को समझने में परेशानी हो सकती है.

वर्तमान समय में प्रदेश में कुल पोलिंग बूथों की संख्या 11,733 है, जिसपर बीएलओ तैनात है. बीएलओ की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारियों में शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री शामिल है. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल महीने से ही उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. हालांकि, भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अभी तक तिथियों का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने एसआईआर से संबंधित तैयारियों को अंतिम रूप देने की कवायत में जुटी हुई है.
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान प्रदेश के सभी बूथों पर तैनात 11,733 बीएलओ समेत 12 हजार से अधिक अधिकारी/कर्मचारियों की जरूरत होगी. एसआईआर की प्रक्रिया लगभग एक महीने तक चलने की संभावना है. ऐसे में प्री- एसआईआर में लगे कर्मचारियों का इस तबादला सीजन में नहीं होगा. इसके साथ ही उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण के तहत संभावित 25 अप्रैल से 24 मई तक मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य किया जाना है, इसके लिए भी शासन स्तर से तिथियां का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से तैयारी को पूरा करने के साथ ही कर्मचारियों को ट्रेनिंग दिए जाने की प्रक्रिया जारी है.

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जनगणना के पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं गणना के लिए करीब 34 हज़ार से अधिक कर्मचारियों की जरूरत होगी, जिसकी रूपरेखा भी जनगणना कार्य निदेशालय तैयार कर ली है. साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों और जिलाधिकारी से कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराए जाने संबंधित अनुरोध भी किया जा चुका है. इसके साथ ही उत्तराखंड राज्य के स्नोबाउंड क्षेत्र में इसी साल सितंबर महीने में लोगों की गणना भी की जानी है, जिस दौरान भी हजारों कर्मचारियों की आवश्यकता होगी.

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यही वजह है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि इस तबादला सीजन के दौरान उन कर्मचारियों के तबादा न किए जाएं, जिनकी ड्यूटी जनगणना और एसआईआर प्रक्रिया में लगाई जानी है. इसको लेकर उत्तराखंड में गठित स्टेट लेवल एंपावर्ड कमेटी के अध्यक्ष मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव में गृह मंत्रालय के अनुरोध रखा है. लिहाजा जनगणना कार्य और एसआईआर में लगने वाले कर्मचारियों का तबादला अप्रैल में नहीं होगा.

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