नैनीताल मां, भाई और गर्भवती भाभी की हत्या का मामला: फांसी की सजा पर 21 जुलाई को फिर होगी सुनवाई

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नैनीताल: हाई कोर्ट ने अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर निर्मम हत्या करने के अभियुक्त को ट्रायल कोर्ट से फांसी की सजा के मामले पर सुनवाई की।
न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ में मामले में सुनवाई जारी रखते हुए अगली सुनवाई को 21 जुलाई की तिथि नियत की है। कोर्ट ने राज्य सरकार से अभियुक्त के संबंध में पेश रिकार्ड का अवलोकन करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पूछा कि क्या घटना के समय अभियुक्त किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित तो नहीं था और आवेश में आकर घटना को अंजाम दिया?

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21 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

कोर्ट ने फांसी की सजा दिए जाने के आधार पर अभियुक्त की मेडिकल स्थिति जानने के लिए दुबारा से सुनवाई करने को विचारणीय कोर्ट को रिफरेंस आदेश वापस भेजा था। ट्रायल कोर्ट ने मामले में फिर से सुनवाई करते हुए अभियुक्त को स्वस्थ पाते हुए फांसी की सजा को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि अभियुक्त फांसी की सजा का हकदार है। अभियुक्त ने मां की कोख में पल रहे बेजुबान बच्चे सहित दो अन्य की तलवार से निर्मम हत्या की है।

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दरअसल 13 दिसंबर 2014 को टिहरी गढ़वाल के गुमाल गांव निवासी संजय सिंह ने मामूली बात पर अपनी मां, बड़े भाई व गर्भवती भाभी की तलवार से काटकर हत्या कर दी थी। इस मामले में अभियुक्त के पिता राम सिंह पंवार ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी । अगस्त 2021 में जिला एवं सत्र न्यायाधीश टिहरी गढ़वाल ने दोषी संजय सिंह को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। जिसे अभियुक्त ने हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट ने अभियुक्त की ओर से बहस के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद वशिष्ठ को न्याय मित्र नियुक्त किया था।

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न्याय मित्र ने कोर्ट को बताया कि मृत्यु दंड की सजा पाया अभियुक्त मानसिक रूप से अस्वस्थ है। मेडिकल बोर्ड ने भी उसे मानसिक रूप से बीमार बताते हुए कहा है कि वह अपने द्वारा किये जाने वाले कृत्य के परिणाम नहीं जानता है। लेकिन वह इलाज के बाद ठीक हो सकता है, लेकिन विचारण अदालत ने इस तथ्य को नजरअंदाज कर अभियुक्त को मृत्युदंड की सजा सुना दी ।

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