हादसे ने उजाड़ा पूरा परिवार: एक साथ उठे छह जनाजे, अपनों के शव देख बिलख उठे परिजन, मातम में डूबा गांव

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लक्सर। देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर कुंडधार के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लक्सर के रायपुर निवासी एक ही परिवार के छह सदस्यों का शनिवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ छह जनाजे उठे तो पूरा रायपुर गांव सिसक उठा। हर आंख नम थी और हर चेहरा गम में डूबा नजर आया।


शुक्रवार को देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर कुंडधार के समीप बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा था। हादसे में रायपुर निवासी अफजाल, उनकी पत्नी शब्बो, बेटे अरमान और अमन, बेटी अनाविया तथा भाई गुफरान की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे में अफजाल का एक अन्य बेटा अरहम गंभीर रूप से घायल है।
शनिवार सुबह जैसे ही मृतकों के शव गांव पहुंचे, माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। जिस घर में कुछ समय पहले तक हंसी-खुशी और परिवार की चहल-पहल थी, वहां मातम और सन्नाटा पसरा था। अपनों के शवों को देखते ही परिजन बिलख पड़े। महिलाओं के करुण क्रंदन और सिसकियों ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर दिया।
परिजन कभी अपनों के शवों को निहारते तो कभी उन्हें पुकारकर फूट-फूटकर रो पड़ते। बिलखते परिजनों को संभालने की कोशिश कर रहे लोग खुद भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। अफजाल की बुजुर्ग मां नफीसा और गुफरान की पत्नी सदमे में थीं।

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मृतकों के अंतिम दर्शन और अंतिम विदाई के लिए रिश्तेदारों, परिचितों, ग्रामीणों, स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई परिवार के दुख में शामिल होने और मृतकों को अंतिम विदाई देने पहुंचा।

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जब एक साथ छह जनाजे उठे तो पूरे गांव की आंखें नम हो गईं। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक हर कोई इस असहनीय दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा नजर आया। चारों ओर मातम, सिसकियां और अपनों को खोने का दर्द दिखाई दे रहा था।

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हादसे ने एक ही परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं। अब गांव और रिश्तेदारों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस गहरे सदमे से परिवार कैसे उबरेगा।

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