हल्द्वानी। रसोई में मिठास घोलने वाली चीनी अब लोगों की जेब का जायका बिगाड़ रही है। पिछले 15 दिनों में चीनी के फुटकर दाम में करीब 17 रुपये प्रति किलो तक का उछाल आया है। पांच अगस्त को 45 से 46 रुपये किलो बिकने वाली चीनी बुधवार को 61 से 62 रुपये किलो तक पहुंच गई। वहीं गुड़ और मिश्री के दाम में भी भारी बढ़ोतरी हुई है।
पटेल चौक के किराना कारोबारी कमल बर्गली ने बताया कि 15 दिन पहले चीनी 45 रुपये किलो बिक रही थी, जबकि बुधवार को इसका भाव 62 रुपये किलो रहा। इसी तरह गुड़ 50 रुपये से बढ़कर 80 रुपये और मिश्री 50 रुपये से बढ़कर 70 रुपये किलो तक पहुंच गई।
दाम बढ़ना कारोबारियों के लिए भी हैरानी की बात
कारोबारियों के अनुसार, इतनी कम अवधि में चीनी के दाम में 17 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी असामान्य है। हल्द्वानी गल्ला मंडी मर्चेंट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष एवं गल्ला कारोबारी रोहित गर्ग ने बताया कि बुधवार को चीनी का थोक भाव करीब 58 रुपये किलो रहा। सप्लाई में कमी बनी रही तो आने वाले दिनों में दाम और बढ़ने की आशंका है।
गन्ने की कम उपलब्धता से बढ़े दाम
कारोबारियों के मुताबिक, शुगर मिलों के एजेंट गन्ने की कम उपलब्धता की बात बता रहे हैं। नई फसल आने में अभी करीब तीन महीने का समय है। ऐसे में बाजार में चीनी का पर्याप्त स्टॉक नहीं होने से कीमतों में तेजी आई है।
कुछ कारोबारी यह आशंका भी जता रहे हैं कि गन्ने का एक हिस्सा चीनी उत्पादन के बजाय एथेनाल बनाने में इस्तेमाल होने से बाजार में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है।
त्योहारी सीजन में बढ़ सकती है मिठास की कीमत
चीनी के दाम बढ़ने का असर मिठाई, चाय-कॉफी, कोल्ड ड्रिंक, चॉकलेट समेत अन्य खाद्य उत्पादों पर पड़ सकता है। त्योहारी सीजन नजदीक होने के कारण कारोबारियों की लागत बढ़ रही है, जिससे आने वाले दिनों में मिठाइयों के दाम बढ़ने की आशंका है।
हालांकि, फिलहाल हल्द्वानी में मिठाई विक्रेताओं ने दाम नहीं बढ़ाए हैं। डीपी नानक स्वीट्स के संचालक आदित्य गुप्ता ने बताया कि अभी कीमतें नहीं बढ़ाई जा रही हैं, लेकिन चीनी के दाम में तेजी जारी रही तो आगे इस पर विचार करना पड़ेगा। कमल स्वीट्स के संचालक कमल सिंह मेहरा ने बताया कि फिलहाल त्योहारी सीजन में ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डालने के लिए दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे।
लालकुआं में भी बढ़ी चिंता
चीनी के बढ़ते दामों की मार लालकुआं शहर में भी देखने को मिल रही है। किराना दुकानदारों के अनुसार, चीनी महंगी होने से रोजमर्रा की खरीदारी का बजट प्रभावित हो रहा है और त्योहार नजदीक आने के साथ लोगों की चिंता बढ़ गई है।

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