हैरान करने वाला : यूपी में खेती उत्तराखंड में छात्रवृत्ति, 92 शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई ,1353 अपात्र छात्रों के नाम पर करोड़ों की निकासी

खबर शेयर करें 👉

हरिद्वार। उत्तराखंड में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें जिन युवाओं के नाम पर सरकारी छात्रवृत्ति जारी की गई, उन्होंने संबंधित संस्थानों में कभी पढ़ाई ही नहीं की। कोई उत्तर प्रदेश में खेती कर रहा था, कोई निजी कंपनी में नौकरी कर रहा था, जबकि कुछ दूसरे राज्यों में अध्ययनरत थे। इसके बावजूद उनके नाम पर छात्रवृत्ति की राशि निकाली गई।

92 शिक्षण संस्थानों पर कार्रवाई शुरू
वर्ष 2021-22 और 2022-23 के दौरान उत्तराखंड के 92 शिक्षण संस्थानों द्वारा 1,353 अपात्र छात्रों के नाम पर करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति लेने का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने संदिग्ध स्कूलों और मदरसों की सूची राज्य सरकार को भेजी। इसके बाद शुरू हुए सत्यापन अभियान में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं नगर पंचायत में स्वतंत्रता दिवस पर मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान, अध्यक्ष पूर्व सैनिक व नगर पंचायत अध्यक्ष लोटनी ने किया ध्वजारोहण


जांच के दौरान हरिद्वार और सहारनपुर से सबसे चौंकाने वाले मामले सामने आए। सहारनपुर के एक युवक ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश में खेती करता है और उसने हरिद्वार के किसी संस्थान में कभी पढ़ाई नहीं की, फिर भी उसके नाम पर छात्रवृत्ति निकाली गई। एक अन्य युवक ने बताया कि वह केवल अपने भाई के दाखिले के लिए कॉलेज गया था, लेकिन उसके नाम पर भी छात्रवृत्ति का भुगतान दिखाया गया।

यह भी पढ़ें 👉  हादसा: पन्तनगर सड़क पर घूम रहे आवारा बैल से टकराई बाइक, पुलिस कांस्टेबल की दर्दनाक मौत


जांच में यह भी सामने आया कि कई छात्रों के आधार, मोबाइल नंबर और बैंक संबंधी विवरण उनकी जानकारी के बिना छात्रवृत्ति आवेदन में इस्तेमाल किए गए। कुछ छात्र दूसरे राज्यों में पढ़ रहे थे, जबकि कुछ पढ़ाई बीच में छोड़ चुके थे, लेकिन उनके नाम पर छात्रवृत्ति जारी रही।
प्रारंभिक जांच में कई संस्थानों के रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में भारी अंतर पाया गया। दस्तावेजों में सैकड़ों छात्रों का दाखिला दिखाया गया, जबकि मौके पर गिनती के छात्र ही मिले। कई संस्थानों ने अपनी वास्तविक क्षमता से कई गुना अधिक प्रवेश दर्शाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया।

यह भी पढ़ें 👉  उधम सिंह नगर जन्मदिन की पार्टी से लौटे टेंट कारोबारी की मौत, कार में मिला शव; सिर-गले पर चोट के निशान


मामले में हरिद्वार जिले की 19 शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। अब जांच एजेंसियां छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े पूरे नेटवर्क और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad