अल्मोड़ा। सल्ट विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रहे वन्यजीवों के हमलों के विरोध में किए गए सांकेतिक चक्का जाम के मामले में भतरौजखान पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस नेता नारायण सिंह रावत समेत कई नामजद और अन्य अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, 5 अगस्त को सुबह करीब 11 बजे मोहान तिराहे पर बाघ से सुरक्षा की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ। आरोप है कि सुबह 11:27 बजे नारायण सिंह रावत अपने समर्थकों के साथ सड़क पर बैठ गए, जिससे रामनगर–पौड़ीगढ़वाल राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-309) और रामनगर–रानीखेत राज्य मार्ग (एसएच-14) पर यातायात बाधित हो गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उत्तराखंड सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।
एफआईआर के अनुसार, करीब 33 मिनट तक चले चक्का जाम के कारण बसों, टैक्सियों, निजी वाहनों और मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। इससे यात्रियों, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से कई बार सड़क खाली करने और यातायात सुचारु करने का अनुरोध किया गया, लेकिन उन्होंने कथित तौर पर पुलिस से धक्का-मुक्की की, सरकारी कार्य में बाधा डाली और नारेबाजी जारी रखी। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे पुलिस ने राजमार्ग पर यातायात बहाल कराया।
भतरौजखान थाने में नारायण सिंह रावत, घनानंद शर्मा, देवेंद्र सिंह रावत समेत अन्य नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126(2), 221, 191(2) तथा आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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