पंतनगर । अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी में नोटिस चस्पा करने पहुंची प्रशासनिक टीम को स्थानीय लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. मौके पर पहुंचे किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने भी प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया, जिसके बाद टीम को वापस लौटना पड़ा. कॉलोनीवासियों ने पुनर्वास की मांग उठाते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया.
पंतनगर क्षेत्र की संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी में अतिक्रमण हटाने को लेकर बीते दिन उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ कॉलोनियों में नोटिस चस्पा करने पहुंची.
प्रशासन की इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने जमकर विरोध किया और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. विरोध बढ़ता देख मौके पर पहुंचे किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने भी प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए, जिसके बाद प्रशासनिक टीम को बिना कार्रवाई पूरी किए वापस लौटना पड़ा.
जानकारी के अनुसार संजय कॉलोनी और मस्जिद कॉलोनी पिछले करीब बीस वर्षों से आबाद हैं. प्रशासन का दावा है कि ये बस्तियां सरकारी भूमि पर बनी हुई हैं और यहां अतिक्रमण किया गया है. इससे पहले भी प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कॉलोनीवासियों की ओर से भूमि खाली नहीं की गई. इसी क्रम में प्रशासन ने एक बार फिर कार्रवाई तेज करते हुए पुलिस की मौजूदगी में घरों की दीवारों पर अतिक्रमण हटाने के नोटिस चस्पा करने शुरू किए. प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही कॉलोनी के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और कार्रवाई का विरोध करने लगे.
देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. लोगों का कहना था कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और अचानक बेदखली की कार्रवाई उनके सामने गंभीर संकट खड़ा कर देगी.विरोध प्रदर्शन के दौरान किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि किसी भी बस्ती को उजाड़ने से पहले सरकार और प्रशासन को वहां रहने वाले लोगों के लिए ठोस पुनर्वास नीति तैयार करनी चाहिए.
विधायक ने आरोप लगाया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए लोगों को बेघर करना उचित नहीं है और यह कार्रवाई जनहित के खिलाफ है. उन्होंने प्रशासनिक रवैये को तानाशाहीपूर्ण बताते हुए कहा कि गरीब और जरूरतमंद लोगों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है. वहीं कॉलोनीवासियों ने भी सरकार से मांग की कि बेदखली की किसी भी कार्रवाई से पहले उन्हें पुनर्वास की स्पष्ट योजना उपलब्ध कराई जाए. बढ़ते विरोध और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासनिक टीम को फिलहाल वापस लौटना पड़ा.अ ब यह मामला प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है. आने वाले दिनों में प्रशासन की अगली रणनीति और पुनर्वास को लेकर सरकार का रुख इस पूरे मामले की दिशा तय करेगा.

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