उधमसिंहनगर में मेडिकल दाखिले से रोजगार तक फर्जी दस्तावेजों का नेटवर्क? गलत पते और नकली गवाहों से तैयार हो रहे थे प्रमाण पत्र.

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बाजपुर। मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश और रोजगार से संबंधित फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराने के कथित मामले का प्रशासन ने बुधवार को खुलासा किया। प्रशासनिक टीम ने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बरखेड़ा नगर पंचायत अध्यक्ष समेत एक महिला सहित चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। प्रारंभिक जांच में गलत पते का इस्तेमाल करने, फर्जी गवाह पेश करने और दस्तावेजों में कूटरचना किए जाने की बात सामने आई है। प्रशासन ने मामले में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को एडीएम पंकज उपाध्याय, एसडीएम ऋचा शर्मा, सीओ अखिलेश कुमार, कोतवाल नरेश चौहान, तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान समेत राजस्व विभाग की टीम तहसील कार्यालय में मौजूद रही। अधिकारियों ने संदिग्धों से प्रमाण पत्र तैयार कराने की प्रक्रिया, दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले लोगों और मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ की।

बुधवार देर रात तहसील कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एडीएम पंकज उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश सरकार और उच्चाधिकारियों, आयुक्त एवं जिलाधिकारी के निर्देश पर विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं, विशेषकर इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश तथा रोजगार से संबंधित दस्तावेजों का एसडीएम स्तर पर गहन सत्यापन कराया जा रहा है।

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इसी क्रम में बाजपुर एसडीएम के समक्ष मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए प्रस्तुत किए गए कुछ दस्तावेज सत्यापन के लिए आए थे। दस्तावेजों और संबंधित पतों के भौतिक सत्यापन के दौरान कई पते गलत पाए गए।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में गलत लोगों को मकान मालिक और चाचा बताकर तहसील कार्यालय में सत्यापन के लिए पेश किया गया। सख्ती से पूछताछ किए जाने पर उत्तर प्रदेश के बरेली क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा बाजपुर के पते पर प्रमाण पत्र तैयार कराने के कथित प्रयास की जानकारी सामने आई।

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि वोटर लिस्ट, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, आधार कार्ड और स्कूल प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर उन्हें कूटरचित तरीके से तैयार कराया गया। अधिकारियों द्वारा अब इन दस्तावेजों का मूल अभिलेखों से मिलान कराया जा रहा है। फर्जी पाए जाने वाले प्रमाण पत्रों को निरस्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

एडीएम ने बताया कि अब तक सामने आए मामलों में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश से संबंधित प्रमाण पत्रों की संख्या अधिक है। ऐसे में इस पहलू की भी गहनता से जांच की जा रही है कि कहीं किसी संगठित गिरोह या नेटवर्क द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार कर राज्य के छात्रों के हितों को प्रभावित करने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा था।

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उन्होंने बताया कि पुलिस को स्थानीय स्तर पर किसी सिंडिकेट अथवा कर्मचारियों की मिलीभगत की संभावना को ध्यान में रखते हुए जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यदि किसी व्यक्ति द्वारा गलत दस्तावेजों के आधार पर लाभ लेने की पुष्टि होती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त प्रवेश को भी नियमानुसार निरस्त कर सीट रिक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।

जनपद में 19 अन्य संदिग्ध मामलों की भी होगी जांच

अधिकारियों के अनुसार, जनपदभर में फर्जीवाड़े से जुड़े 19 अन्य संदिग्ध प्रकरण भी सामने आए हैं। इन मामलों को जांच के लिए संबंधित उपजिलाधिकारियों के पास भेजा गया है। अधिकारियों को तीन दिन के भीतर इन प्रकरणों का परीक्षण पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

चेयरमैन की भूमिका की भी जांच

बरखेड़ा, पीलीभीत नगर पंचायत के अध्यक्ष की कथित संलिप्तता के संबंध में एडीएम ने कहा कि इस संबंध में कुछ तथ्य सामने आए हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। प्रशासनिक टीम दस्तावेजों की जांच और संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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गलत पते पर तैयार कराए जा रहे थे प्रमाण पत्र

प्रारंभिक जांच में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए बाजपुर क्षेत्र के ऐसे पतों का इस्तेमाल किया गया, जहां संबंधित व्यक्ति का निवास नहीं पाया गया। भौतिक सत्यापन में गलत पते सामने आने के बाद अधिकारियों ने संबंधित लोगों से पूछताछ की। कुछ मामलों में गलत व्यक्तियों को मकान मालिक और रिश्तेदार बताकर सत्यापन के लिए पेश किए जाने की बात भी सामने आई है।

प्रशासन की ओर से मामले में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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