लालकुआं के खुरियाखत्ता प्राथमिक विद्यालय बदहाली की मार: ढहती छत, एक शिक्षक और सिर्फ 9 छात्र

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लालकुआं। क्षेत्र में किसी जमाने में छात्र-छात्राओं से गुलजार रहने वाला प्राथमिक विद्यालय खुरियाखत्ता आज प्रशासनिक उपेक्षा के कारण अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है। ढहती छत, उखड़ी हुई चौखटें और अध्यापकों का घोर अभाव—इन सभी अव्यवस्थाओं ने अभिभावकों का भरोसा सरकारी शिक्षा तंत्र से पूरी तरह उठा दिया है। यही वजह है कि कक्षा १ से ५ तक संचालित इस प्राथमिक विद्यालय में अब केवल नौ बच्चे ही नामांकित रह गए हैं।

विद्यालय की दयनीय हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भवन के तीन कमरे पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं और छतों का लेंटर दरकने से सरिया साफ दिखाई देने लगा है। मानसून की बारिश में छत से लगातार टपकते पानी के कारण न सिर्फ बच्चों का पठन-पाठन ठप हो जाता है, बल्कि विद्यालय के कई महत्वपूर्ण विभागीय दस्तावेज और रिकॉर्ड भी भीगकर नष्ट हो चुके हैं। जर्जर कमरों के कारण यहां हर वक्त किसी अनहोनी का खतरा बना रहता है, जिसके डर से ग्रामीणों ने अपने बच्चों को यहां से निकालकर अन्य स्कूलों में दाखिल करा दिया है।

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एक शिक्षक पर ५ कक्षाओं का बोझ

इमारत के संकट के साथ-साथ विद्यालय शिक्षकों की भारी किल्लत से भी जूझ रहा है। स्कूल के प्रधानाध्यापक पक्षाघात (पैरालिसिस) की वजह से लंबे समय से चिकित्सकीय अवकाश पर हैं और जल्द ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में वर्तमान में पूरे विद्यालय का संचालन महज एक सहायक अध्यापक के कंधों पर टिक गया है। अकेले शिक्षक को ही पांचों कक्षाओं के बच्चों को संभालना और पढ़ाना पड़ता है। मजबूरी में सभी नौ छात्र-छात्राओं को एक ही कमरे में साथ बैठाकर शिक्षा दी जा रही है।

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क्या कहते हैं ग्रामीण और शिक्षक:

स्थानीय अभिभावक चांदनी देवी का कहना है कि जब तक नए शिक्षकों की नियुक्ति और भवन की पक्की मरम्मत नहीं होती, तब तक बच्चों को यहां भेजना असुरक्षित है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से तुरंत नए कक्ष बनाने और पर्याप्त शिक्षक तैनात करने की गुहार लगाई है।

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वहीं, विद्यालय में कार्यरत शिक्षक योगेश कुमार ने जानकारी दी कि भवन के जीर्णोद्धार और मरम्मत के लिए विभाग को प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है। बारिश में कागजात भीगने से काफी असुविधा हो रही है।

क्षेत्रीय समाजसेवियों का मानना है कि यदि शासन-प्रशासन समय रहते ध्यान दे और बुनियादी सुविधाएं बहाल कर दे, तो इस ऐतिहासिक विद्यालय में छात्र संख्या एक बार फिर बढ़ सकती है।

फ़ोटो परिचय :- AI द्वारा

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