लालकुआं। नागला बाईपास के समीप पिछले करीब 11-12 वर्षों से अकेले जीवन बिता रही एक बुजुर्ग महिला का बुधवार को अचानक निधन हो गया। महिला का कोई परिजन या संबंधी नहीं था। ऐसे में स्थानीय समाजसेवियों ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए आगे बढ़कर उनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई और पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ अंतिम विदाई दी।
बुधवार दोपहर करीब तीन बजे बुजुर्ग महिला ने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। सूचना मिलते ही लालकुआं-रुद्रपुर टेंपो यूनियन के अध्यक्ष विक्की पाठक समेत स्थानीय समाजसेवी मौके पर पहुंचे। महिला के परिवार में कोई नहीं होने की जानकारी मिलने पर समाजसेवियों ने सामूहिक रूप से उनके अंतिम संस्कार का निर्णय लिया।
इसके बाद महिला के पार्थिव शरीर को लालकुआं स्थित मुक्तिधाम श्मशान घाट ले जाया गया, जहां पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने कहा कि बुजुर्ग महिला ने भले ही अपना जीवन अकेले बिताया, लेकिन अंतिम समय में समाज ने उन्हें अकेला नहीं छोड़ा।
अंतिम संस्कार में नरेश, राधा बल्लभ जोशी, वीर बहादुर मिश्रा, विक्की पाठक, कुंवर सिंह, अनिल जोशी, सुनील प्रसाद, गोपाल जोशी, संदीप रस्तोगी, सुभाष, सुनील कुमार और हिमांशु पांडेय सहित अन्य स्थानीय लोगों ने सहयोग किया।
बुजुर्ग महिला को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देकर समाजसेवियों ने सामाजिक जिम्मेदारी और इंसानियत की मिसाल पेश की।

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