शीपुर। कटोराताल निवासी 17 वर्षीय मुर्सलीन की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मौत के 17 दिन बाद उसका शव कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा। हाई कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में मानपुर रोड स्थित नौगजा कब्रिस्तान से शव निकाला जाएगा और पोस्टमार्टम के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी भेजा जाएगा।
मुर्सलीन 16 मई की रात करीब 10 बजे घर से लापता हो गया था। अगले दिन सुबह करीब 5:30 बजे उसका शव घर की तीसरी मंजिल पर बनी एक कोठरी में पंखे के पास लगे पाइप से लटका मिला था। परिजनों ने शव को फंदे से उतार लिया था। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और 17 मई की शाम उसे नौगजा कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
मृतक के पिता इमरान अली ने पुलिस को तहरीर देकर बेटे की हत्या की आशंका जताई थी। उनका आरोप है कि घटनास्थल की परिस्थितियां आत्महत्या की नहीं बल्कि हत्या की ओर इशारा करती हैं। परिजनों का कहना है कि मुर्सलीन की कहीं और हत्या कर शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
परिजनों के अनुसार, घटना वाली रात मुर्सलीन अपनी प्रेमिका से मिलने दो बार उसके घर गया था। उसके मोबाइल फोन से प्रेमिका से तीन बार करीब 10-10 सेकंड की बातचीत भी हुई थी। परिवार ने प्रेमिका के बड़े भाई फैज आलम पर लगातार जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से लटकने की बात सामने आने के बाद पुलिस जांच की रफ्तार धीमी रही। इसके बाद पिता ने हाई कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद एक जून को किशोरी, उसके पिता शकील और भाइयों फैज आलम, शान तथा शावेज के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।
एएसपी स्वप्न किशोर सिंह ने बताया कि शव को कब्र से निकालने की प्रक्रिया प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की निगरानी में पूरी की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कब्रिस्तान के आसपास पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
हाई कोर्ट ने मांगी दोबारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट
नैनीताल हाई कोर्ट में बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति की एकलपीठ ने शव को कब्र से निकालकर विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। पोस्टमार्टम राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के चिकित्सकों का पैनल करेगा।
याचिकाकर्ता इमरान अली का कहना है कि बेटे के शव के पास फर्श और चादर पर खून के निशान थे तथा उसके कान के नीचे चोट के निशान भी दिखाई दिए थे। इन्हीं परिस्थितियों को आधार बनाते हुए उन्होंने हत्या की आशंका जताई है।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 15 जून को निर्धारित की है, जिसमें दोबारा पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।

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