तराई में नकली नोटों का जाल, गदरपुर में 4.54 करोड़ की जाली खेप संग दो गिरफ्तार

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रुद्रपुर। यूपी की नकली नोटों की मशीन से निकला जिन्न गिरोह के जरिये तराई तक पहुंच गया। जिसे बड़ी मात्रा में जिले में खपाने की योजना थी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर गहरी चोट पहुंचाने की साजिश चल रही थी।

ऊधमसिंह नगर के गदरपुर में नकली नोट प्रकरण में बड़ा सवाल यह है कि आखिर इसके पीछे का मुखिया कौन था। क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में नोटों को लाना आसान नहीं है। तराई में नशा और हथियार तस्करी के सिंडिकेट के बाद अब नकली नोटों का नया गिरोह सक्रिय हो गया है। इसके तार यूपी से जुड़े हैं जहां से नोट तराई में लाए जा रहे थे।

बुधवार देर रात गदरपुर पुलिस ने गूलरभोज क्षेत्र से दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 454 गड्डियां बरामद की हैं जिनमें असली और नकली नोट मिलाकर 4.54 करोड़ रुपये की जाली खेप शामिल है। पकड़े गए अभियुक्त उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से यह खेप लाए थे लेकिन सवाल वही है कि आखिर अभियुक्त जिले तक इन नोटों को लाए कैसे और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। क्या बॉर्डर क्षेत्र में चेकिंग अभियान बंद हो गया या शातिर अपराधी आज भी उन चोर रास्तों को इस्तेमाल कर रहे हैं जिनपर पुलिस की चेकिंग न के बराबर है। अधिकतर मामलों में अपराधी इन्हीं रास्तों को इस्तेमाल करते हुए पाए गए हैं।

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रात के अंधेरे में कार्रवाई से अफरातफरीपुलिस के अनुसार, जैसे ही सूचना गदरपुर कोतवाली पहुंची तो एसएचओ बृजवाल ने गूलरभोज चौकी के कांस्टेबलों को साथ लिया और रात के अंधेरे में दबे पांव मुखबिर के बताए स्थान पर दबिश दी। पुलिस टीम को अचानक सामने देखकर खोखे में मौजूद दोनों अभियुक्त घबरा गए और अपने बैग की चेन बंद कर भागने का प्रयास करने लगे लेकिन मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही दबोच लिया।

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नोट गिनने के लिए मंगवानी पड़ी मशीनपुलिस ने जब अभियुक्त के पास मौजूद सफेद धारी वाले दो काले बैगों को खोलकर देखा तो उनके होश उड़ गए। दोनों बैगों के अंदर 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां ठसाठस भरी हुई थीं। बरामद नोटों की संख्या इतनी अधिक थी कि मौके पर हाथ से गिनती करना संभव नहीं था। इसके बाद पुलिस ने गूलरभोज के एक स्थानीय व्यापारी से गोपनीयता की शर्त पर नोट गिनने वाली मशीन मंगवाई जिसके बाद पूरी रात नोटों की गिनती का सिलसिला चला।

शातिराना ढंग से तैयार की गई थी खेपपुलिस के अनुसार, बरामद कुल 454 गड्डियों में से 20 गड्डियां ऐसी थीं जिनके सबसे ऊपर 500 रुपये का असली नोट लगा हुआ था जबकि उसके नीचे चिल्ड्रन बैंक ऑफ इंडिया अंकित जाली नोट लगे थे। इसके अलावा 79 गड्डियां ऐसी थीं जिन पर भारतीय रिजर्व बैंक लिखा था और वे हूबहू नकली नोटों की तरह तैयार की गई थीं। बाकी बची 355 गड्डियां पूरी तरह से बच्चों के खेलने वाले नोटों की थीं। प्रत्येक गड्डी में 200 नोट मौजूद थे। अभियुक्तों का मकसद भीड़भाड़ वाले ग्रामीण बाजारों और कम पढ़े-लिखे दुकानदारों को झांसा देकर इन नोटों को चलाना था।

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गुरुजी”” और लखनऊ कनेक्शन की जांच शुरूपुलिस के अनुसार, पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वह कथित गुरुजी नाम के एक अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। इस खेप को गदरपुर, हल्द्वानी समेत कुमाऊं के पहाड़ी इलाकों में खपाने वाले थे। पुलिस अब गिरोह के सरगना गुरुजी और लखनऊ के सप्लायरों की जांच कर रही है।

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