खरगे की रैली के बाद ‘शुद्धीकरण’ पर कांग्रेस का मौन सत्याग्रह, अनुमति न मिलने के बावजूद रामलीला मैदान में डटे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य-भुवन कापड़ी समेत कांग्रेसी

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हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में आयोजित रैली के बाद हुए शुद्धीकरण कार्यक्रम के विरोध में रविवार को कांग्रेसियों ने रामलीला मैदान में मौन धरना दिया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन चंद्र कापड़ी, विधायक सुमित हृदयेश समेत कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यक्रम में पहुंचे।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शुद्धीकरण का मुद्दा राज्यसभा में उठने के बाद सदन के नेता और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी घटना पर दुख जताते हुए जांच की बात कही थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट शुद्धीकरण करने वालों का समर्थन कर रहे हैं। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह भाजपा की दलित विरोधी और सामाजिक असमानता को बढ़ावा देने वाली मानसिकता को दर्शाता है।

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अनुमति नहीं मिलने के बावजूद रामलीला मैदान में जुटे कांग्रेसी

कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष इंद्रपाल आर्य ने रामलीला मैदान में मौन कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी। हालांकि, पुलिस रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार कर दिया और कांग्रेसियों को शहर के निर्धारित धरना स्थल बुद्ध पार्क में कार्यक्रम आयोजित करने को कहा।

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आयोजक इंद्रपाल आर्य ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य समानता, समरसता और भाईचारे का संदेश देना था। उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम बुद्ध पार्क में ही करना था तो रामलीला मैदान के लिए अनुमति क्यों मांगी जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के दौरे के बाद प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार किया।

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इंद्रपाल आर्य ने कहा कि शुद्धीकरण के जरिए संविधान की मूल भावना का अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि अनुमति नहीं मिलने के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से रामलीला मैदान में अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

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