हल्द्वानी। गौलापार में प्रस्तावित जू सफारी (अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर) परियोजना के धरातल पर उतरने की उम्मीदें तेज हो गई हैं। निर्माण एजेंसी ब्रिडकुल (BRIDCUL) ने करीब 412 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित जू सफारी के लिए सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। साथ ही 270 करोड़ रुपये की प्रारंभिक परियोजना प्रतिवेदन (पीपीआर) वन विभाग को सौंप दिया है।
जानकारी के अनुसार, मई 2026 में जू सफारी के निर्माण की जिम्मेदारी ब्रिडकुल को सौंपी गई थी। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया। समिति की देखरेख में अत्याधुनिक सैटेलाइट आधारित तकनीक से प्रस्तावित भूमि का विस्तृत सर्वेक्षण कराया गया।
सर्वे पूरा होने के बाद ब्रिडकुल ने 270 करोड़ रुपये की प्रारंभिक परियोजना प्रतिवेदन (पीपीआर) वन विभाग को सौंप दी है। वन विभाग द्वारा रिपोर्ट का परीक्षण किए जाने के बाद इसे शासन की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
ब्रिडकुल के अधिकारियों के अनुसार, शासन से पीपीआर स्वीकृत होने के बाद परियोजना लागत का दो प्रतिशत, यानी लगभग 5.4 करोड़ रुपये, डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार करने के लिए जारी किए जाएंगे। एजेंसी का लक्ष्य अगस्त 2026 के अंत तक डीपीआर तैयार कर शासन को सौंपने का है।
10 वर्षों से अटकी है जू सफारी परियोजना
गौलापार जू सफारी परियोजना पिछले लगभग 10 वर्षों से विभिन्न कारणों से लंबित है। अक्टूबर 2016 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर की आधारशिला रखी गई थी। बाद में इस परियोजना का नाम बदलकर जू सफारी कर दिया गया। अब पीपीआर तैयार होने और डीपीआर की प्रक्रिया शुरू होने से परियोजना के जल्द धरातल पर उतरने की उम्मीद बढ़ गई है।
सांकेतिक फ़ोटो

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