धर्मनगरी में जाली नोटों के नेटवर्क पर पुलिस का बड़ा प्रहार: धार्मिक स्थलों पर नकली नोट खपाने की साजिश, 14 दिन में 12 आरोपी गिरफ्तार

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हरिद्वार। देशभर से रोजाना लाखों श्रद्धालुओं की आमद और बाजारों में नकद लेनदेन का फायदा उठाकर धर्मनगरी में जाली नोट खपाने की साजिश रच रहे एक बड़े गिरोह का हरिद्वार पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पिछले 14 दिनों में पुलिस ने लगातार तीन बड़ी कार्रवाइयों के दौरान 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.92 लाख रुपये की जाली करेंसी, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले प्रिंटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य उपकरण बरामद किए हैं।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह का मुख्य निशाना छोटे दुकानदार और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थल थे, जहां नकद भुगतान अधिक होने के कारण जाली नोट आसानी से खपाए जा सकते थे।

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पहली कार्रवाई में तीन आरोपी गिरफ्तार

28 जून को श्यामपुर थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। तलाशी में उनके पास से 52,500 रुपये की जाली करेंसी बरामद हुई। पूछताछ के आधार पर 30 जून को पुलिस ने गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 50 हजार रुपये के छपे हुए जाली नोट, एक प्रिंटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य उपकरण बरामद किए गए।

तीसरी कार्रवाई में पंजाब तक पहुंची पुलिस

6 जुलाई को नगर कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 84,500 रुपये की जाली करेंसी बरामद हुई। इसके बाद 11 जुलाई को पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आरोपियों से मिली अहम जानकारी के आधार पर पुलिस की विशेष टीम पंजाब पहुंची, जहां छापेमारी कर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 1.05 लाख रुपये की जाली करेंसी, एक प्रिंटर और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक कार बरामद हुई।

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इसलिए निशाने पर थी धर्मनगरी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां अस्थायी दुकानों की अधिकता, भीड़भाड़ और नकद लेनदेन का चलन ज्यादा होने के कारण जाली नोट खपाने वाले गिरोह ऐसे स्थानों को आसान निशाना मानते हैं। जल्दबाजी में कई बार छोटे दुकानदार नोटों की सही पहचान नहीं कर पाते, जिसका फायदा अपराधी उठाने की कोशिश करते हैं।

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पुलिस का कहना है कि लगातार हुई इन कार्रवाइयों से जाली नोटों के इस नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अब गिरफ्तार आरोपियों के अन्य साथियों, संपर्कों और पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है, ताकि इस रैकेट का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।

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