e-KYC और क्षेत्रीय सत्यापन के लिए मिलेगा 90 दिन का अवसर, डुप्लीकेट लाभार्थियों की भी होगी पहचान
उत्तराखंड। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 1 अक्टूबर 2026 से राशन कार्डों के स्वतः निष्क्रियकरण की व्यवस्था लागू की जाएगी। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों एवं आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखंड से प्राप्त निर्देशों के क्रम में लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रहे राशन कार्डों तथा डुप्लीकेट लाभार्थियों को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट ने बताया कि विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रत्येक माह की 21 तारीख को ऐसे ‘साइलेंट राशन कार्ड’ चिन्हित किए जाएंगे, जिन पर लगातार छह माह की अवधि में खाद्यान्न प्राप्त करने का कोई सफल लेन-देन दर्ज नहीं हुआ है। चिन्हित साइलेंट राशन कार्ड आगामी माह की 1 तारीख को स्वतः निष्क्रिय हो जाएंगे।
उन्होंने बताया कि संबंधित राशन कार्डों को स्थायी रूप से हटाए जाने से पहले 90 दिन की अवधि में e-KYC और क्षेत्रीय सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने का अवसर दिया जाएगा। उन्होंने राशन कार्ड धारकों से अपील की कि वे समय रहते आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि पात्र लाभार्थियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे।
जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि छह माह तक खाद्यान्न का सफल लेन-देन नहीं होने वाले साइलेंट राशन कार्डों के अलावा आधार आधारित क्रॉस-मैचिंग के माध्यम से डुप्लीकेट लाभार्थियों की भी पहचान की जाएगी। इसके लिए सेंट्रल रिपॉजिटरी में उपलब्ध आंकड़ों का मिलान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि किसी राशन कार्ड अथवा लाभार्थी को निष्क्रिय किए जाने की स्थिति में राशन कार्ड के मुखिया के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर स्वचालित SMS के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी।

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