अल्मोड़ा। दृढ़ इच्छाशक्ति और मजबूत हौसले के दम पर नगर के एनटीडी निवासी मनोज पांडे ने 315 दिनों की पैदल यात्रा पूरी कर 12 ज्योतिर्लिंगों और चारों धामों के दर्शन किए। लंबी, दुर्गम और चुनौतीपूर्ण यात्रा पूरी करने के बाद सकुशल घर लौटने पर स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया।
मनोज पांडे की यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने इसे सामाजिक संदेश से भी जोड़ा। यात्रा के दौरान उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में बच्चों और बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न स्थानों पर बच्चों को योग और ध्यान का प्रशिक्षण देकर आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने और विषम परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश भी दिया।
315 दिनों बाद एनटीडी स्थित अपने घर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने मनोज पांडे का स्वागत किया। इस दौरान भुवन तिवारी, सौरभ वर्मा, लक्षित तिवारी, प्रमोद तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
यात्रा ने सिखाई विनम्रता और धैर्य
अपने यात्रा अनुभव साझा करते हुए मनोज पांडे ने कहा कि यात्रा इंसान को विनम्र बनाती है और अपनी सीमाओं का एहसास कराती है। उन्होंने कहा कि जब तक व्यक्ति कठिन और उबड़-खाबड़ रास्तों पर नहीं चलता, तब तक वह एक सच्चे यात्री के अनुभव को नहीं समझ सकता।
उन्होंने बताया कि पहाड़ों और मैदानों के दुर्गम रास्तों पर चलते हुए उन्हें जीवन में धैर्य, विनम्रता और हर परिस्थिति का सामना करने की सीख मिली। उनके अनुसार, कठिन रास्ते ही इंसान को भीतर से मजबूत बनाते हैं और जीवन को देखने का नया नजरिया देते हैं।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट के लिए -
www.devbhumionline.com
