“साथ जिएंगे-साथ मरेंगे”… समलैंगिक रिश्ते में बंधीं 6 साल के बच्चे की माँ, तो दूसरी 12वी की छात्रा का आत्मघाती कदम

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झूलाघाट। नेपाल सीमा से लगे झूलाघाट में एक विवाहिता और एक किशोरी के एक साथ जीने और मरने की कसम लेते हुए काली नदी में कूदने का प्रयास किया। समय पर पुलिस ने उन्हें कूदने से बचा लिया। दोनों के बयानों से जो तथ्य सामने आया वह चाैकाने वाला है।

झूलाघाट कोतवाली में एक हाल निवासी पिथौरागढ़ की 28 वर्षीय विवाहिता पहुंची और उसने बताया कि झूलाघाट के पुरानी बाजार निवासी एक नाबालिग 17 वर्षीय किशोरी से बात करनी है। जिस पर पुलिस ने नाबालिग किेशारी को उसके स्वजनों के साथ कोतवाली बुलाया।

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दोनों को आपस में प्यार

जहां पर महिला ने बताया कि वह और किशोरी आपस में प्यार करते हैं। दोनों की बातों से मामला समलैंगिकता का प्रतीत होने पर के बाद दोनों पक्षों को समझाकर तय किया गया कि आगे से दोनों एक दूसरे से दूर रहेंगे।

इयके उपरांत बात सामान्य हो गई, लेकिन रात होते होते दोनों झूलाघाट स्थित शमसान घाट के समीप काली नदी में कूद मारकर आत्महत्या करने चली गईं। इसकी भनक लगते ही कोतवाली से एएसआई संतोष कठायत महिला कांस्टेबलों के साथ दोनों के पीछे काली नदी की ओर गये जहां इन दोनों महिलाओं को नदी में कूद मारने से पहले नियंत्रण में ले लिया गया।

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इस दौरान विवाहिता और किशोरी दोनों आपस में एक दूसरे के साथ जीने मरने की बातें कर रहे थे। पुलिस ने दोनों के खतरनाक इरादों को देखते हुए महिला और नाबालिग को रात को महिला पुलिस के साथ कोतवाली में अपने निगरानी में रखा।
बताया जा रहा है कि शादी शुदा महिला का पति वर्तमान में दिल्ली में होटल में कार्य करता है और वह 6 वर्षीय बेटी की मां भी है। वहीं नाबालिग किशोरी कक्षा 12 की पढ़ाई कर घर पर ही रहती है।

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महिला और किशोरी के बातों से दोनों का एक दूसरे के प्रति समलैंगिकता का मामला सामने आया है| गुरुवार को विवाहिता महिला को एसडीएम के समक्ष पेश किया जाएगा एवं नाबालिग किशोरी को सुधार कल्याण गृह में भेजा जायेगा। – संजीव कुमार, कोतवाल झूलाघाट कोतवाली

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