टिहरी: नई टिहरी के बौराड़ी क्षेत्र में आज सुबह झाड़ी कटान के दौरान सफाई कर्मचारियों को एक घर के पास लेपर्ड कैट नजर आया. उसे देखकर स्थानीय लोगों और सफाई कर्मचारियों ने गुलदार का बच्चा समझकर शोर मचा दिया. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. जांच के बाद स्पष्ट किया कि यह जानवर लेपर्ड कैट है, गुलदार का बच्चा नहीं.
स्थानीय लोगों का कहना था कि बरसात के मौसम में झाड़ियां बढ़ने से आबादी वाले इलाकों में वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं. ऐसे में सड़क किनारे और रास्तों पर उगी झाड़ियों की नियमित सफाई जरूरी है. ताकि, वन्यजीवों की मौजूदगी का समय रहते पता चल सके. वहीं, गुलदार के शावक की जगह लेपर्ड कैट यानी जंगली बिल्ली के होने की जानकारी मिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली.

“आज सुबह हमारे कर्मचारी सफाई कर रहे थे. तभी स्थानीय लोगों का फोन आया कि वहां पर एक बाघ (गुलदार) का बच्चा मिला है, जिस पर मैंने तत्काल वन विभाग के अधिकारी को संपर्क किया. जिसके बाद उन्होंने आगे की कार्रवाई की. वनकर्मियों ने अवगत कराया कि यह गुलदार का बच्चा नहीं है. बल्कि यह लेपर्ड कैट यानी जंगली बिल्ली है. जिससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है.”- मोहन सिंह रावत, अध्यक्ष, नगर पालिका टिहरी
पालिकाध्यक्ष मोहन रावत ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जब भी ऐसे जानवर नजर आएं, तो तत्काल उन्हें सूचित करें या फिर वन विभाग को सूचना दें. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि शहर के बड़े भौगोलिक क्षेत्र में जहां-जहां झाड़ियां फैली हुई हैं, वहां-वहां झाड़ियों का कटान कर रहे हैं. साथ ही कोशिश की जा रही है कि नालियों की सफाई हो.
क्या होती है लेपर्ड कैट? दरअसल, लेपर्ड कैट एक जंगली बिल्ली है. जो दिखने में करीबन गुलदार की तरह होती है, लेकिन जंगली बिल्ली का आकार छोटा होता है. उस पर भी उसी प्रकार की रेखाएं होती है, जैसे गुलदार पर होती है. जबकि, गुलदार आकार में बड़ा होता है. लेपर्ड कैट स्तनधारी प्राणी होता है.
यह अमूमन भारतीय उपमहाद्वीप, मध्य पूर्व-दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण चीन में पाया जाता है. लेपर्ड कैट भी शिकारी प्रवृत्ति की होती है, जो आमतौर पर गिलहरी, चूहे जैसे छोटे जानवरों का शिकार कर अपनी भूख मिटाती है. अगर इसकी लंबाई की बात करें तो पूंछ को छोड़कर इनकी लंबाई 45 से 75 सेमी तक होती है.

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