देहरादून। उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है।
कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई हिस्सों में मूसलाधार वर्षा के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिससे 59 से अधिक संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं।
मौसम विभाग ने गुरुवार को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए पांच जिलों के लिए ऑरेंज और चार जिलों के लिए यलो अलर्ट घोषित किया है।
तापमान में छह से सात डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट
मासून की दस्तक के बाद लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में छह से सात डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। देहरादून सहित कई मैदानी क्षेत्रों में भी दिनभर बारिश का दौर जारी रहा, जिससे मौसम सुहावना होने के साथ ही लोगों को उमस से राहत मिली। बारिश का सबसे अधिक असर पर्वतीय इलाकों में देखने को मिला।
कुमाऊं मंडल में भूस्खलन और मलबा आने से 39 संपर्क मार्ग बंद हो गए, जबकि गढ़वाल मंडल में 20 से अधिक सड़कें बाधित रहीं। हालांकि चारधाम यात्रा फिलहाल जारी है, लेकिन सिरोबगड़ में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा आने से करीब तीन घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
बाद में प्रशासन ने मार्ग को सुचारु कराया। चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को भी प्रशासन ने मौसम का ताजा अपडेट लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी है।
दो जिलों में स्कूल बंद
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए बागेश्वर और अल्मोड़ा जनपदों में गुरुवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों से दूर रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार के लिए देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और कहीं-कहीं अत्यंत तीव्र वर्षा के दौर की भी संभावना व्यक्त की गई है।

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