उत्तराखण्ड में अवैध खून के कारोबार का भंडाफोड़: रक्तदान के नाम पर चल रहा था खून का धंधा,पांच गिरफ्तार; 27 यूनिट रक्त बरामद

खबर शेयर करें 👉

लक्सर। रक्तदान जैसे पवित्र कार्य की आड़ में कथित रूप से अवैध तरीके से रक्त एकत्र करने वाले गिरोह का लक्सर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बिना आवश्यक अनुमति के ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित कर रक्त एकत्र करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से 27 यूनिट रक्त, 27 खाली ब्लड बैग, रक्त संग्रह और जांच में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, चार डोनर चेयर और दो वाहन बरामद किए गए हैं।

लक्सर पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग ग्रामीण इलाकों में बिना आवश्यक अनुमति ब्लड डोनेशन कैंप लगाकर लोगों से रक्त एकत्र कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। अलावलपुर तिराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी ली।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं नगर पंचायत में स्वतंत्रता दिवस पर मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान, अध्यक्ष पूर्व सैनिक व नगर पंचायत अध्यक्ष लोटनी ने किया ध्वजारोहण

पुलिस के अनुसार, स्विफ्ट कार की डिग्गी में रखे आइस बॉक्स से 27 यूनिट रक्त और 27 खाली ब्लड बैग मिले। इसके अलावा रक्त संग्रह, जांच और माप से संबंधित उपकरण भी बरामद हुए। दूसरी स्कॉर्पियो एन कार की तलाशी में चार ब्लड डोनर चेयर, डोनर फॉर्म बुक, वेट मशीन, स्लाइड का डिब्बा, हाथ में बांधने वाली चार बेल्ट और अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर के 28 प्रमाणपत्र मिले।

पांच आरोपित गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में अनित सैनी निवासी फतवा, लक्सर, शुभम कुमार निवासी माड़ा बेला, खानपुर, दुष्यन्त कुमार निवासी आवास विकास, बिजनौर, कावेन्द्र कुमार निवासी हरतला, मुरादाबाद और दया सिंह निवासी ईसमपुर ढाणा, थाना गीनौर, सम्भल को गिरफ्तार किया है।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं नगर पंचायत अध्यक्ष व पूर्व सैनिक सुरेंद्र सिंह लोटनी की पहल से बदली लालकुआं की तस्वीर, सांसद अजय भट्ट ने भव्य प्रवेश द्वार व तिरंगा लाइटों का किया लोकार्पण

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित गांव-देहात में रक्तदान शिविर आयोजित कर लोगों से रक्त एकत्र करते थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि एकत्र किए गए रक्त को कहां भेजा जाना था और क्या इसे अन्य राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचने का प्रयास किया जा रहा था। इस संबंध में पूरे नेटवर्क की जांच अभी जारी है।

अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर के प्रमाणपत्र भी मिले

पुलिस को आरोपितों के कब्जे से अमृत चैरिटेबल ब्लड सेंटर के 28 प्रमाणपत्र मिले हैं। इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और आरोपितों का संबंधित संस्था से क्या संबंध था, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अब तक कितने स्थानों पर ऐसे शिविर लगाए गए और इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

यह भी पढ़ें 👉  हादसा: पन्तनगर सड़क पर घूम रहे आवारा बैल से टकराई बाइक, पुलिस कांस्टेबल की दर्दनाक मौत

मुकदमा दर्ज, जांच जारी

मामले में पुलिस ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 18(सी), 27 और बीएनएस की धारा 316(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण सिंह कोश्यारी, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नितिन चौहान, उपनिरीक्षक बीरेन्द्र सिंह नेगी, उपनिरीक्षक यशवीर सिंह नेगी समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad