(उधम सिंह नगर) ‘मजाक या ख़ौफनाक हरकत’ प्राइवेट पार्ट में भरी हवा, फ़टी आतें ; चार बहनों के इकलौते भाई ने अस्पताल में तोड़ा दम

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काशीपुर। नोएडा की एक फैक्टरी में दो सहकर्मियों ने विवाद के बाद एयर प्रेशर से हवा भरकर अपने साथी का पेट फुला दिया। आननफानन उसे यमुना सिटी के एक अस्पताल में भर्ती कराया जहां आंतें फटने से उसकी मौत हो गई। फैक्टरी मैनेजर की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी भी काशीपुर के निवासी हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव कुंडा लाकर दफना दिया गया है।

काशीपुर के मोहल्ला महेशपुरा निवासी समीर (21) मजदूरी करता था। चार जून को मोहल्ला महेशपुरा निवासी दिलशाद और बांसफोड़ान निवासी जीशान उसे अपने साथ नोएडा की यमुना सिटी ले गए। रबूपुरा सेक्टर-29 में स्थित सूर्या ग्लोबल फ्लेक्सी फिल्म कंपनी में तीनों युवक सफाई का कार्य करते थे। बीती 16 जून की सुबह तीनों फैक्टरी में काम कर रहे थे। समीर परिसर में झाड़ू लगा रहा था जबकि दिलशाद एयर प्रेशर से हवा डाल रहा था। जीशान भी मौके पर मौजूद था।

इसी दौरान दिलशाद ने किसी विवाद को लेकर समीर के गुदा द्वार पर प्रेशर पाइप लगाकर हवा भरनी शुरू कर दी। पेट फूलने से समीर चीखने लगा और उसके गुप्तांग से खून बहने लगा। खून बहता देख दोनों कर्मी घबरा गए और सुपरवाइजर आशीष त्रिवेदी को इसकी सूचना दी। एयर प्रेशर से आंत फटने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। फैक्टरी मैनेजर धर्मेंद्र सिंह की तहरीर पर दिलशाद और जीशान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपियों पर हो सख्त कार्रवाईपोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को समीर का शव काशीपुर लाया गया। परिजन दोनों आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे। मृतक समीर चार बहनों का अकेला भाई था। समीर की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोगों ने बताया कि अपनी बहनों की शादी के लिए वह घर से कमाने निकला था और अपनी कमाई से बहनों की शादी करना चाहता था।

मुफलिसी से लड़ रहे परिवार का छीन गया आखिरी सहारापिता की मौत के बाद समीर पर थी विधवा मां और चार बहनों की जिम्मेदारीकाशीपुर। किशोर अवस्था में पिता का सहारा छीन जाने से समीर पर अपनी विधवा मां और चार बहनों की जिम्मेदारी थी। घर में वही इकलौता कमाने वाला था। मुफलिसी में दिन काट रहे परिवार को सहारा मिले, इसलिए वह नौकरी के लिए नोएडा गया था। 16 दिन बाद ही उसकी मौत की खबर से परिवार पर टूट गया है।कुंडा निवासी नूर मोहम्मद ने दो दशक पहले अपना घर छोड़ दिया था। वह काशीपुर आकर ठेकेदारी करने लगे। करीब आठ साल पहले उनकी मौत हो गई। परिवार में पत्नी परवीन के अलावा चार बेटियां आफरीन, समरीन, नेहा, माही और इकलौता पुत्र समीर था।

सिर से पिता का साया उठा तो मुफलिसी ने आ घेरा। समीर का परिवार दो हजार रुपये माहवार किराये के कमरे में रहता है। होश संभालते-संभालते वह पेंटर का काम करने लगा था।काशीपुर के जीशान और दिलशाद नोएडा के यमुना सिटी रबूपुरा में सेक्टर-29 में स्थित सूर्या ग्लोबल फ्लेक्सी फिल्म कंपनी में काम करते थे। बकरीद पर दोनों घर आए तो चार जून को लौटते हुए वह समीर को अपने साथ काम पर ले गए। 16 जून को घटना हुई तो जीशान ने फोन कर बताया कि समीर के पेट में गैस बन गई है। उसे यमुना सिटी के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

इस पर उसकी मौसी शोबिया अपने भाई नासिर को लेकर अस्पताल पहुंची। वहां फैक्ट्री के स्टाफ ने उन्हें घटना के बारे में बताया। बृहस्पतिवार को उसे मृत घोषित कर दिया गया। काशीपुर लाकर उसके शव का दफीना कर दिया गया। समीर की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बहनों का कहना है कि भाई की मौत से उनकी आखिरी आस भी टूट गई है। चारों बहनें ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं। मां बीमार रहती है और दो बेटियों की अभी शादी नहीं हुई है। समीर की मौत से परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है।

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