हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव की तैयारियों के बीच शनिवार को चुनावी सरगर्मी विवाद और मारपीट में बदल गई। एक प्रत्याशी के समर्थकों की ओर से छात्रा से अभद्रता किए जाने के आरोप के बाद दो छात्र गुट आमने-सामने आ गए और दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाठियां फटकारकर भीड़ को तितर-बितर किया। घटना की पुष्टि समकालीन मीडिया रिपोर्टों में भी हुई है।
जानकारी के अनुसार, एक संभावित प्रत्याशी की हेल्पडेस्क पर कुछ समर्थक छात्राएं बैठी थीं। इसी दौरान दूसरे पक्ष के कुछ युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने एक छात्रा से अभद्रता की। छात्रा ने फोन कर अपने समर्थकों को बुलाया। इसके बाद वहां पहुंचे छात्रों और दूसरे पक्ष के युवकों के बीच विवाद शुरू हो गया।
एक छात्र ने बताया कि वह छात्रसंघ चुनाव में संभावित प्रत्याशी है। विवाद बढ़ता देख वह प्राचार्य को लिखित शिकायत देने जा रहा था, तभी दूसरे पक्ष के युवकों ने उसे रास्ते में रोक लिया और उसके साथ मारपीट की। किसी तरह वह वहां से बचकर निकला। घटना की जानकारी मिलने पर उसके समर्थक भी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर हंगामा हुआ।
कॉलेज प्रशासन की सूचना पर कोतवाली और चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया और हंगामा कर रहे कुछ छात्रों को हिरासत में लिया। छात्रों को कॉलेज से बाहर ले जाते समय कुछ युवकों की पुलिसकर्मियों से खींचतान भी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां फटकारीं।
तहरीर के बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप, कोतवाली में धरना
पीड़ित छात्रा ने कुछ युवकों के खिलाफ नामजद तहरीर हल्द्वानी कोतवाली में दी। छात्रों का आरोप है कि तहरीर देने के कई घंटे बाद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे नाराज छात्र रात करीब आठ बजे कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप था कि आरोपी पक्ष की ओर से उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं। छात्रों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके बाद कोतवाली में नारेबाजी शुरू हो गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस फोर्स भी तैनात की गई। देर रात तक छात्रों और पुलिस के बीच बातचीत चलती रही।
चुनाव की तारीख तय नहीं, फिर भी कॉलेज में शुरू हुआ प्रचार
एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इसके बावजूद संभावित प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने प्रचार शुरू कर दिया है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, परिसर में जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई है, लेकिन इसके बावजूद छात्र समूह बनाकर प्रचार कर रहे हैं।
प्राचार्य एनएस बनकोटि ने बताया कि जुलूस और बड़ी संख्या में छात्रों के एकत्र होने से कई बार विवाद की स्थिति बन चुकी है। इससे कॉलेज का माहौल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि माहौल बिगाड़ने वाले छात्रों को चिह्नित कर उनकी रिपोर्ट पुलिस को दी जाएगी।
कैनोपी लगाने की अनुमति भी निरस्त
प्राचार्य ने बताया कि छात्र नेताओं को पार्टी या निर्दलीय प्रत्याशी के बोर्ड के साथ कैनोपी लगाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन विवाद बढ़ने की स्थिति को देखते हुए यह अनुमति निरस्त कर दी गई है। छात्रा की शिकायत की कॉलेज स्तर पर जांच की जा रही है और पुलिस को भी जांच के लिए पत्र लिखा गया है।
एसपी ट्रैफिक मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और लोगों के मोबाइल से मिली वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है। मारपीट में शामिल छात्रों को चिह्नित किया जा रहा है। छात्रा की तहरीर पर भी जांच की जा रही है। धरने पर बैठे छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाया जा रहा है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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