उत्तराखंड में बारिश का कहर: कुमाऊं-गढ़वाल में 11 की मौत, एक लापता
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश मंगलवार को कई इलाकों में कहर बनकर टूटी। नदी-नालों के तेज बहाव और भूस्खलन की चपेट में आने से अलग-अलग हादसों में तीन बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्चा और एक महिला लापता बताए जा रहे हैं। देहरादून, पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल समेत कई इलाकों में बारिश ने भारी तबाही मचाई।
देहरादून में नदी के बहाव में बहे वाहन, दो युवकों की मौत
देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में कंडोली-बिधोली पुल के पास मंगलवार तड़के तेज बरसाती बहाव में स्कॉर्पियो और क्रेटा कार बह गईं। पुलिस, एसडीआरएफ और फायर सर्विस की टीम ने स्कॉर्पियो से हरियाणा निवासी 22 वर्षीय संभव को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि उसके साथी 21 वर्षीय अक्षय निवासी जयपुर का शव वाहन से बरामद किया गया। दोनों प्रेमनगर स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान के छात्र थे।
दूसरी क्रेटा कार में श्रीगंगानगर निवासी अंश बवेजा, सहज प्रीति कौर और कनन सचदेवा सवार थे। रेस्क्यू टीम ने अंश और सहज को सुरक्षित निकाल लिया, जबकि 19 वर्षीय कनन सचदेवा का शव नदी से बरामद हुआ। कनन टाटिया यूनिवर्सिटी, श्रीगंगानगर में एमबीबीएस की छात्रा थी।
वहीं, रायपुर क्षेत्र के बालावाला में 10 वर्षीय दिव्यांग बच्चा नहर के तेज बहाव में बह गया। पुलिस, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीम ने देर शाम तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।
पटेलनगर के आईएसबीटी चौकी क्षेत्र से लापता 12 वर्षीय सम्राट का शव बड़ोवाला पुल के पास आसन नदी किनारे बरामद हुआ। परिजनों ने उसके लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। घर के पास बहने वाला बरसाती नाला आसन नदी में मिलता है। सूचना के बाद एसडीआरएफ ने नाले और नदी में तलाशी अभियान चलाया। मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे बच्चे का शव बरामद हुआ।
पौड़ी में महिला लापता
पौड़ी के पैठाणी थाना क्षेत्र के ग्राम पल्ली के नागधार तोक निवासी 33 वर्षीय आशा देवी पत्नी दलवीर सिंह पश्चिमी नयार नदी के तेज बहाव में बह गईं। देर रात तक पुलिस और बचाव दल उनकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन उनका पता नहीं चल सका।
कोटद्वार में मां-बेटी नदी में बहीं
कोटद्वार-पाखरो मार्ग पर मंगलवार दोपहर सिगड्डी निवासी वन गुर्जर सद्दाम अपनी पत्नी जेनम (26) और एक वर्षीय बेटी आफिया के साथ बाइक से घर लौट रहा था। कोल्हू नदी पार करते समय तेज बहाव में बाइक समेत सद्दाम भी बहने लगा। साथ मौजूद उसके जीजा शेरा और अन्य लोगों ने उसे बाहर निकाल लिया, लेकिन जेनम और आफिया तेज बहाव में बह गईं।
सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने करीब एक घंटे तक तलाश अभियान चलाया। मां-बेटी के शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के कादरगंज क्षेत्र में नदी से बरामद हुए। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
अल्मोड़ा में मलबे में दबकर एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
अल्मोड़ा के हवालबाग ब्लॉक के वडयूड़ा गांव में सोमवार रात करीब 2:30 बजे मकान के पीछे भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से आया मलबा घर के अंदर घुस गया। कमरे में सो रही प्रेमा देवी (42) पत्नी राजेंद्र राम, उनकी बेटी कल्पना आर्या (19) और बेटा मनीष कुमार (18) मलबे में दब गए।
सड़क बाधित होने के कारण राहत एवं बचाव दल करीब सात बजे घटनास्थल पर पहुंच सका। करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू अभियान के बाद तीनों के शव मलबे से बरामद किए गए। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा भेजे गए।
अल्मोड़ा में दो नेपाली मजदूरों की भी मौत
अल्मोड़ा के धार की तूनी क्षेत्र में भी बारिश के दौरान देर रात पहाड़ी से आया मलबा टिन शेड के एक कमरे में घुस गया। कमरे में सो रहे दो नेपाली मजदूरों की मलबे में दबने से मौत हो गई।
हादसे का पता मंगलवार दोपहर तब चला, जब उनके साथी मजदूरों ने काम पर चलने के लिए दोनों को फोन किया। काफी देर तक फोन नहीं उठने पर साथी मौके पर पहुंचे। कमरे की पिछली दीवार गिरी हुई थी और अंदर मलबा भरा था।
मृतकों की पहचान दलीप दर्जी पुत्र बाली दर्जी और चकरा दर्जी पुत्र हायते दर्जी, निवासी नरहरीनाथ पहरी केडाली, जिला कालीकोट, नेपाल के रूप में हुई है। दोनों पहाड़ी के ठीक बगल में बने टिन शेड के कमरे में रह रहे थे।
भीमताल में नाले में बहने से बच्ची की मौत
नैनीताल जिले के भीमताल बाईपास पर मंगलवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। पिता भुवन कुमार की दुकान के आगे खेल रही चार वर्षीय पल्लवी का पैर फिसल गया और वह नाले में जा गिरी। तेज बहाव में बहने से उसकी मौत हो गई।
लगातार बारिश के कारण उत्तराखंड के कई हिस्सों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं खोज-बचाव अभियान चला रहे हैं।

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