कुत्ते का पीछा करते घर में घुसा गुलदार, पिता पर हमला; बेटी ने बहादुरी दिखाकर बचाई जान

खबर शेयर करें 👉

चंपावत। घर के अंदर घुसे गुलदार ने पिता पर हमला किया तो बेटी ने बहादुरी दिखाते हुए न केवल पिता को गुलदार के चंगुल से आजाद कराया अपितु बाहर से दरबाजा बंद कर गुलदार को कमरे में कैद कर लिया।

बेटी के इस साहस को हर कोई सलाम कर रहा है। फिलहाल गुलदार के हमले में घायल पिता का उपचार अस्पताल में चल रहा है। वन विभाग ने गुलदार को रेस्क्यू कर लिया है।
घटना जिला मुख्यालय से आठ किमी दूर सिमल्टा गांव की है। शुक्रवार की रात नौ बजे करीब एक गुलदार कुत्ते का पीछा करते-करते सुरेश चंद्र पांडेय के घर में घुस गया। बताया जा रहा है कि गृह स्वामी सुरेश पांडेय भोजन करने के बाद कमरे में टीवी देख रहे थे।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड मौसम ने ली करवट: कई जिलों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली का अलर्ट

गुलदार ने हमला बोल दिया

अचानक गुलदार को कमरे में देख उनके होश उड़ गए। शोरगुल करते ही गुलदार ने उनपर हमला बोल दिया। पिता का शोर सुनते ही माइके आई उनकी व्याहित बेटी किरन पांडेय मौके पर पहुंची और साहस का परिचय देते हुए पिता को कमरे से बाहर निकाला और दरबाजा बंद कर गुलदार को अंदर कैद कर लिया। इस दौरान गुलदार ने कमरे के अंदर टीवी देख रहे गृह स्वामी सुरेश चंद्र पांडेय पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया।

यह भी पढ़ें 👉  हल्दूचौड़ यूसीएफ सोयाबीन फैक्ट्री में पेड़ों के कटान पर वन विभाग की छापेमारी, मचा हड़कंप

घर में गुलदार के घुसने की सूचना मिलते ही आस-पड़ोस के लोग भी वहां पहुंच गए। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी वन विभाग को दी। सूचना के बाद पहुंची वन विभाग की टीम ने एक घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद कमरे में बंद गुलदार को रेस्क्यू कर पिंजरे में कैद कर लिया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में एसआईआर के बाद नौ लाख नाम हटने पर कांग्रेस चिंतित, सीईओ से पुनः जांच की मांग

डिप्टी रेंजर चतुर सिंह मेहरा ने बताया कि गुलदार के हमले में गृह स्वामी सुरेश चंद्र पांडेय घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
डाक्टरों के अनुसार घायल की हालत खतरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि गुलदार को पकड़कर रेंज मुख्यालय लाया गया है, जिसे रेस्क्यू सेंटर भेजने की तैयारी की जा रही है। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल पैदा हो गया है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad