सितारगंज तहसील विवाद: रातभर भूखे-प्यासे फंसे अधिकारी-कर्मचारी, रिहाई पर साथियों ने गले लगाकर मनाई ‘नैतिक जीत’ :- देखे कब क्या हुआ

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सितारगंज। विजिलेंस की कार्रवाई के बाद सितारगंज तहसील परिसर में उत्पन्न गतिरोध के चलते बुधवार रात अधिकारियों और कर्मचारियों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। तहसील भवन के भीतर मौजूद कई अधिकारी और कर्मचारी घंटों तक बाहर नहीं निकल सके, जबकि परिसर के बाहर राजस्व कर्मचारी और विभिन्न कर्मचारी संगठन धरने पर डटे रहे।

भवन के भीतर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भोजन की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। ऐसे में कई लोगों ने अपने परिचितों के माध्यम से चाय, बिस्कुट और हल्का नाश्ता मंगवाया। अधिकांश लोगों ने चाय, पानी और बिस्कुट के सहारे ही रात बिताई, जबकि कुछ लोग बिना भोजन किए रहे। विश्राम की भी कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण किसी ने कुर्सी पर बैठकर, किसी ने टेबल के सहारे और कुछ ने फर्श पर लेटकर रात गुजारी।

वहीं, तहसील परिसर के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारियों ने दरी बिछाकर खुले आसमान के नीचे रात बिताई। कुछ कर्मचारी अपनी गाड़ियों में ही सोए, जबकि भोजन और चाय-नाश्ते की व्यवस्था उन्होंने बाजार से स्वयं की।

रिहाई के बाद कर्मचारियों का स्वागत, निष्पक्ष जांच की मांग

कथित रिश्वत प्रकरण में विजिलेंस द्वारा ट्रैप किए गए संग्रह अमीन और सहायक राजस्व लेखाकार को गुरुवार को तहसील प्रशासन के सुपुर्द किए जाने के बाद परिसर का माहौल बदल गया। दोनों कर्मचारियों के बाहर आते ही राजस्व कर्मचारियों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने उन्हें गले लगाकर स्वागत किया। इस दौरान कुछ कर्मचारियों ने इसे अपनी “नैतिक जीत” बताया।

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इसके बाद कर्मचारी संयुक्त परिषद, संग्रह अमीन संघ, लेखपाल संघ तथा अन्य कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा विजिलेंस की कार्रवाई की समीक्षा किए जाने की मांग की।

देखे पूरा प्रकरण:-

विजिलेंस ट्रैप प्रकरण : कब क्या हुआ

  • 29 जुलाई दिन बुधवार को शाम 3.30 बजे विजिलेंस टीम ने तहसील के दो कर्मियों को रिश्वत लेते ट्रैप किया।
  • 4.00 बजे विजिलेंस ने आरोपी तहसील कर्मियों से पूछताछ शुरू की।
  • 5.00 बजे तहसीलदार हिमांशु जोशी ने विजिलेंस की कार्रवाई को असंवैधानिक करार दिया।
  • 5.14 बजे तहसील कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू किया।
  • 6.00 बजे तहसील के दोनों मुख्य गेटों में ताला लगाकर संग्रह अमीन संघ ने विजिलेंस कर्मियों को बंधक बनाने की घोषणा की।
  • 6.30 बजे आक्रोशित कर्मचारियों ने विजिलेंस टीम के कमरे की लाइट बंद कर दी।
  • 6.45 बजे पुलिसकर्मियों ने लाइट ऑन कर उनके कमरे के बाहर पहरा दिया।
  • रात 8.00 बजे शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लाइन से पुलिस कर्मियों ने पहुंचना शुरू कर दिया।
  • 9.00 बजे तहसील कर्मियों की विजिलेंस के अधिकारियों के साथ नोकझोंक हुई।
  • 9.30 बजे तहसील गेट के बाहर कर्मियों ने दही बेचकर धरना देने का प्रयास किया।
  • 10.00 बजे परिसर के भीतर कर्मचारी धरने में बैठकर नारेबाजी करने लगे।
  • 10.30 बजे तहसीलदार सितारगंज, तहसीलदार खटीमा और नायब तहसीलदार नानकमत्ता ने कर्मियों से वार्ता की।
  • 10.40 बजे तहसील कर्मी राजस्व विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों का इंतजार करते रहे।
  • 11.00 बजे पुलिस ने आंदोलन कर रहे लोगों को समझने का प्रयास किया गया।
  • 11.25 बजे आंदोलन कर रहे कर्मियों की जिलास्तर के अधिकारियों से वार्ता हुई।
  • 11.30 बजे आंदोलन कर्मियों ने तहसील परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।
  • 11.35 बजे पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा तहसील स्थल पर पहुंचे और आंदोलन कर रहे कर्मियों को समझाने का प्रयास किया।
  • 11.40 बजे से नानकमत्ता से ग्रामीणों का आना शुरू हुआ।
  • 11.50 जिलास्तर के अधिकारियों से वार्ता के बाद अंदर के लोगों को अंदर और बाहर के लोगों को बाहर रहने पर सहमति बनी।
  • 12.00 बजे यथास्थिति बनी रही और पुलिसकर्मी टीन शेड मैं बैठकर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी करते रहे।
  • 12.30 बजे तहसील परिसर के अंदर के लोग कुर्सी-मेज और फर्श पर सो गए। इधर, तहसील के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोग अपने अपने वाहन या बाहर दरी बिछाकर सो गए।
  • अगले दिन 30 जुलाई दिन बृहस्पतिवार को
  • सुबह 6:00 बजे प्रदर्शन कर रहे लोगों ने फिर हंगामा शुरू किया।
  • 8.00 बजे से एसडीएम और तहसीलदार का आना शुरू हो गया।
  • 9:00 बजे उच्च अधिकारियों की जिला स्तरीय अधिकारियों से फोन पर वार्ता शुरू हुई।
  • 10.00 बजे एसडीएम तुषार सैनी और विजिलेंस के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई।
  • 11. 00 बजे सभी लोगों ने चाय नाश्ता किया।
  • दोपहर 12.00 बजे विजिलेंस के अधिकारियों से संग्रह अमीन और सहायक लेखाकार को छोड़ने पर सहमति बनी।
  • 12.15 बजे संग्रह अमीन और सहायक लेखाकार को तहसील प्रशासन के सुपुर्द किया गया।
  • 12.30 बजे विजिलेंस टीम को सुरक्षित तहसील परिसर से बाहर निकाला गया।
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