(द्वाराहाट) अल्मोड़ा विकास योजनाओं पर घमासान सरकारी शिविर में छिड़ी सियासी जंग: सरकारी मंच से भिड़े कांग्रेस विधायक और भाजपा नेता

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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। केंद्र सरकार के “12 साल बेमिसाल” कार्यक्रम के तहत आयोजित बहुद्देशीय शिविर सोमवार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मंच बन गया। कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट और भाजपा नेताओं के बीच तीखी बहस और नोकझोंक के चलते शिविर का माहौल लंबे समय तक गरमाया रहा।
ब्लॉक मुख्यालय में आयोजित शिविर में जनसमस्याओं की सुनवाई के दौरान पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल शाही और भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट का मंच पर स्वागत किया गया। कुछ देर बाद विधायक मदन सिंह बिष्ट अपने समर्थकों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे।
मंच संभालते ही विधायक बिष्ट ने केंद्र और राज्य सरकार पर विभिन्न योजनाओं में धन की कटौती, भ्रष्टाचार और दुरुपयोग के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन समेत कई योजनाएं अधूरी पड़ी हैं और जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है। उन्होंने क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाया।
विधायक के आरोपों पर पलायन निवारण आयोग के सदस्य अनिल शाही ने आपत्ति जताई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो व्यक्तिगत आरोपों तक पहुंच गई। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख डॉ. आरती किरौला ने भी मंच पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी शिविर को राजनीतिक कार्यक्रम का स्वरूप नहीं दिया जाना चाहिए।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) रामजी शरण शर्मा ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। राजनीतिक विवाद के बीच जनसमस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे कई फरियादी दर्शक बने रहे।
शिविर में पेयजल, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, कृषि, समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाए। लोगों ने विभिन्न समस्याओं से संबंधित शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें से कुछ का मौके पर ही निस्तारण किया गया। सीडीओ ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में एसडीएम सुनील कुमार राज, तहसीलदार तितीक्षा जोशी, बीडीओ निवेदिता खुल्बे समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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विधायक मदन सिंह बिष्ट का बयान
जल जीवन मिशन समेत कई योजनाएं अधूरी हैं।
योजनाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का आरोप।
जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
कार्य शुरू नहीं होने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी।
अनिल शाही का जवाब
विधायक पर सार्वजनिक मंचों से अमर्यादित भाषा के प्रयोग का आरोप।
कहा कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन किया जाना चाहिए।
भाजपा कार्यकर्ताओं और सरकार के खिलाफ लगाए गए आरोपों का विरोध किया।

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