पिरुल बनेगा ‘ग्रीन गोल्ड’, जंगलों की आग पर लगेगी लगाम

खबर शेयर करें 👉

देहरादून। उत्तराखंड के जंगलों में आग के फैलाव की बड़ी वजह बनने वाली चीड़ की पत्तियां (पिरुल) अब हरित अर्थव्यवस्था का नया आधार बनने जा रही हैं। पिरुल को महज एक ज्वलनशील अपशिष्ट न मानकर बहुमूल्य संसाधन के तौर पर स्थापित किया जा रहा है।

इसके लिए पिरुल से ब्रिकेट्स-पैलेट्स (कोयले की ईंट-गुटिका) इकाइयों की स्थापना पर सरकार विशेष जोर दे रही है। अभी तक नौ इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं, जिनकी संख्या 57 तक ले जाने का लक्ष्य है। इस पहल से जंगल तो आग से बचेंगे ही, स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के द्वार भी खुलेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में भूकंप से पहले चेतवानी की तैयारी : हर माह 9 तारीख को बजेगा भूकंप चेतावनी सायरन, मोबाइल पर भी मिलेगा अलर्ट

71.05 प्रतिशत वन भूभाग वाले उत्तराखंड में 15.9 प्रतिशत हिस्से में चीड़ के जंगल हैं। एक अनुमान के मुताबिक प्रतिवर्ष चीड़ के जंगलों में 23 लाख मीट्रिक टन से अधिक पिरुल गिरता है। ग्रीष्मकाल में यही पिरुल जंगलों में आग के फैलने की वजह बनता है तो जमीन में बिछी रहने वाली पिरुल की परत से पानी धरती में नहीं समा पाता।

ऐसे में दूसरी वनस्पतियां नहीं उग पातीं। इस परिदृश्य में पिरुल से पार पाने के दृष्टिगत इसे संसाधन के तौर पर उपयोग में लाने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। पिरुल से ब्रिकेट्स-पैलेटस को सबसे बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  पंतनगर किसान मेले में हंगामा: तीन युवतियों ने लगाए अभद्रता और छेड़छाड़ के आरोप

पिरुल एकत्रीकरण में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। पिरुल एकत्र करने वाले समूहों व अन्य संस्थाओं से यह 10 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से खरीदा जा रहा है। फिर इसे ब्रिकेट्स-पैलेट्स बनाने के लिए संबंधित इकाइयों को उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्य वन संरक्षक वनाग्नि एवं आपदा प्रबंधन सुशांत पटनायक के अनुसार उरेडा के माध्यम से इस पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  हैड़ाखान मार्ग पर युगल की स्टंटबाजी कैमरे में कैद : सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो,पुलिस तलास में (देखे वीडियो)

उन्होंने बताया कि राज्य में पिरुल की दृष्टि से 57 संवेदनशील रेंज हैं। अभी तक नौ रेंज में ये इकाइयां लग चुकी हैं और जल्द ही शेष में इनकी स्थापना के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। ब्रिकेट-पैलेट का उपयोग ईंधन के रूप में करने के लिए बाजार भी उपलब्ध है।

ADVERTISEMENTS Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad