टैक्स निर्धारण से पहले मकान मालिकों को दिखाने होंगे जमीन और स्वामित्व संबंधी कागजात, 20 दिन में मांगी आपत्ति
हल्द्वानी। नगर निगम में शामिल किए गए नए वार्डों में अब कर निर्धारण की कवायद शुरू हो गई है। गांव से शहर का हिस्सा बने 27 वार्डों में निजी संपत्तियों की जीआईएस मैपिंग के जरिए सर्वेक्षण पूरा होने के बाद कर निर्धारण किया गया है। निगम प्रशासन ने मकान मालिकों को नोटिस जारी कर निर्धारित कर की जांच करने और 20 दिन के भीतर आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया है। सर्वेक्षण में करीब 37 हजार मकान सामने आए हैं।
नगर निगम के विस्तार के बाद वर्ष 2018 में वार्डों की संख्या 33 से बढ़कर 60 हो गई थी। मुखानी, कुसुमखेड़ा, रामपुर रोड, तल्ली हल्द्वानी समेत शहर से सटे कई गांवों को नगर निगम में शामिल किया गया था। नए शामिल क्षेत्रों के लोगों को राहत देते हुए 10 साल तक हाउस टैक्स में छूट दी गई थी। इस राहत अवधि में अब करीब 18 महीने शेष हैं।
नए वार्डों का सर्वेक्षण पूरा होने के बाद छोटी से लेकर बड़ी संपत्तियों का कर निर्धारण किया गया है। अब मकान मालिकों को कर निर्धारण की जांच करने का अवसर दिया जा रहा है। इसके साथ ही संपत्ति के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।
ये कागजात करने होंगे पेश
मकान मालिकों को संपत्ति के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें विक्रय पत्र, दानपत्र, पट्टाविलेख, पंजीकृत पारिवारिक बंटवारानामा, पंजीकृत वसीयत और खसरा-खतौनी प्रमुख रूप से शामिल हैं।
व्यावसायिक भवनों से पहले ही शुरू हो चुकी है टैक्स वसूली
नगर निगम में शामिल नए क्षेत्रों के व्यावसायिक भवनों से वर्ष 2025 से ही टैक्स वसूली शुरू कर दी गई है। छोटे से लेकर बड़े करीब छह हजार व्यावसायिक भवनों से निगम को सालाना ढाई से तीन करोड़ रुपये टैक्स मिलने का अनुमान है। हालांकि, अभी करीब दो हजार कारोबारी ही नियमित रूप से टैक्स जमा कर रहे हैं।
नए वार्डों से निगम की आय बढ़ने की उम्मीद
नगर निगम के पुराने 33 वार्डों में करीब 37 हजार मकान हैं। इनसे सालाना औसतन दो हजार से चार हजार रुपये तक हाउस टैक्स वसूला जाता है। निगम सूत्रों के अनुसार नए क्षेत्रों में हाउस टैक्स लागू होने के बाद निगम की सालाना आय में करीब आठ करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। नए वार्डों से हाउस टैक्स की नियमित वसूली अप्रैल 2028 से शुरू होने की संभावना है।
आपत्ति नहीं दर्ज कराई तो माना जाएगा कर निर्धारण सही
नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि नए वार्डों में कर निर्धारण संबंधी आपत्तियों के लिए मकान मालिकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्हें कर निर्धारण की जांच करने का अवसर दिया गया है। यदि किसी मकान मालिक को लगता है कि उसका कर निर्धारण गलत है तो वह निर्धारित समयसीमा के भीतर आपत्ति दर्ज करा सकता है। निर्धारित अवधि में आपत्ति दर्ज नहीं कराने पर कर निर्धारण को सही मान लिया जाएगा।
— परितोष वर्मा, नगर आयुक्त, हल्द्वानी

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